यूसीसी के विरोध में जिला दारुल कजात ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 के विरोध में अलीराजपुर में जिला दारुल कजात के नेतृत्व में मुस्लिम समाज ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार और आवश्यक बदलाव की मांग की। इस दौरान महिलाओं सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। समाज ने धार्मिक स्वतंत्रता और मुस्लिम पर्सनल लॉ प्रभावित होने की आशंका जताते हुए मांग पूरी नहीं होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी।

Aug 21, 2026 - 09:05
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यूसीसी के विरोध में जिला दारुल कजात ने राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

UNITED NEWS OF ASIA. मुस्तकीम  मुगल, अलीराजपुर l मध्यप्रदेश विधानसभा में पारित समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 के विरोध और विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार की मांग को लेकर गुरुवार को अलीराजपुर में जिला दारुल कजात के नेतृत्व में मुस्लिम समाज ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन तहसीलदार मंजू डावर को सौंपा गया। इस दौरान मुस्लिम समाज की महिलाओं सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। ज्ञापन का वाचन यास्मीन मंसूरी ने किया।

समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि यूसीसी विधेयक में धर्म के पालन को लेकर दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं तथा कस्टम को अपवाद की श्रेणी में रखा गया है। समाजजन ने संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपनी अंतरात्मा के अनुसार धर्म को मानने, उसका पालन करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता प्राप्त है। साथ ही धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों का प्रबंधन करने तथा धार्मिक संस्थाएं स्थापित करने का अधिकार भी संविधान प्रदान करता है।

ज्ञापन में कहा गया कि प्रस्तावित कानून के प्रावधानों से मुस्लिम समाज के पर्सनल लॉ और धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित होने की आशंका है। इसे लेकर समाज में व्यापक रोष व्याप्त होने की बात कही गई। मुस्लिम समाज की ओर से राष्ट्रपति से यूसीसी विधेयक के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने और आवश्यक बदलाव किए जाने की मांग की गई।

मांग नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी

ज्ञापन में कहा गया कि यदि यूसीसी कानून में आवश्यक बदलाव कर विधेयक पर पुनः विचार नहीं किया गया तो प्रदेश का मुस्लिम समाज चरणबद्ध आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा। ज्ञापन में आंदोलन की स्थिति में इसकी समस्त जवाबदेही सरकार की होने की बात भी कही गई।

इस अवसर पर प्रभारी शहर काजी हाजी सैय्यद हनीफ मियां चिश्ती कादरी, जामा मस्जिद सदर इम्तियाज खान, पूर्व सदर साबिर बाबा, पूर्व सदर सानी मकरानी, सिराज खान तन्हा, खुर्शीद अली दीवान, चुन्नू चंदेरी, भुरू मकरानी, सलाउद्दीन नवाबी, ईशाक खान ‘बच्चू’, परवेज कुरैशी, हाजी तोसीफ मंसूरी, ईमरान मदनी, रफीक मंसूरी, समीर कुरैशी और रानू कुरैशी सहित बड़ी संख्या में समाजजन एवं महिलाएं उपस्थित थीं।