41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा का समापन, 300 विद्यार्थियों का हुआ नेत्र परीक्षण
बालोद जिले के भाटागांव हायर सेकेंडरी स्कूल में 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा का समापन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान करीब 300 छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया गया और जरूरतमंद विद्यार्थियों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। विद्यार्थियों के लिए निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता भी आयोजित की गई तथा नेत्रदान और आंखों की देखभाल के प्रति जागरूक किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. लीलाधर साहू, गुन्दार्देही l 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा का समापन कार्यक्रम भाटागांव हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जे. एल. उइके के निर्देशन और खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्येन्द्र मार्कण्डेय के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को आंखों की देखभाल, नियमित नेत्र जांच और नेत्रदान के महत्व की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान गुंडरदेही विकासखंड के समस्त नेत्र सहायक अधिकारियों की टीम ने स्कूल पहुंचकर लगभग 300 छात्र-छात्राओं का नेत्र परीक्षण किया। जांच के दौरान जिन विद्यार्थियों को चश्मे की आवश्यकता पाई गई, उन्हें आवश्यकता के अनुसार निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। निःशुल्क चश्मों का वितरण जनपद सदस्य कौशल साहू द्वारा किया गया।
राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम इकाई से जिला नोडल अधिकारी डॉ. कमलकांत, पूर्व सहायक नोडल अधिकारी अनिल कुमार सिन्हा, सहायक नोडल अधिकारी कुशल साहू सहित नेत्र सहायक अधिकारी रोशन प्रजापति, घनश्याम पुरी, मौकेश हिरवानी, जयपाल सिंह, बी.एस. बारले, लाकेश्वर नेताम, के.बी. पाल और दिनेश सिन्हा कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
पखवाड़े के दौरान विद्यार्थियों को जागरूक करने के उद्देश्य से निबंध और चित्रकला प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को जिला अंधत्व निवारण टीम की ओर से सम्मानित किया गया और पुरस्कार प्रदान किए गए। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में नेत्र स्वास्थ्य और नेत्रदान को लेकर जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य रूबी जॉनसन, वर्मा सर सहित स्कूल के समस्त शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने विद्यार्थियों को आंखों की नियमित जांच कराने और आंखों की स्वच्छता बनाए रखने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी।
नेत्र सहायक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को नेत्रदान के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि नेत्रदान महादान है और किसी व्यक्ति द्वारा किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद के जीवन में रोशनी ला सकता है। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी नेत्रदान के महत्व के बारे में जानकारी दें।
कार्यक्रम का उद्देश्य केवल नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि बच्चों में आंखों के स्वास्थ्य को लेकर समय रहते जांच और उपचार की आदत विकसित करना भी रहा। नियमित जांच से आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान समय पर की जा सकती है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में गुंडरदेही विकासखंड के समस्त नेत्र सहायक अधिकारियों और भाटागांव हायर सेकेंडरी स्कूल परिवार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को नेत्र स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के साथ समाज में नेत्रदान को लेकर सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।