विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन की दी जानकारी
रायपुर के शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। समन्वयक डॉ. आर. के. दुबे ने UG और PG विद्यार्थियों को पढ़ाई व करियर के तनाव से निपटने, योग, ध्यान और संवाद के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर रखने के उपाय बताए।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर 12 अक्टूबर 2026 को विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों, पढ़ाई और करियर के दबाव तथा इनसे निपटने के व्यावहारिक उपायों पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आर. के. दुबे रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में पढ़ाई और कार्य का दबाव अधिक होता है। विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन, परीक्षाओं, भविष्य की योजनाओं और करियर से जुड़ी अपेक्षाओं के बीच कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी बेहद आवश्यक है। मानसिक रूप से स्वस्थ रहने से व्यक्ति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकता है और जीवन में संतुलन बनाए रख सकता है।
डॉ. दुबे ने विद्यार्थियों को अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाने और तनाव को समय रहते पहचानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज करने के बजाय उसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं और भावनाओं को समझने के साथ जरूरत पड़ने पर दूसरों से संवाद करने में भी संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता केवल व्यक्तिगत जीवन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज में इससे जुड़ी भ्रांतियों और गलत धारणाओं को दूर करने में भी सभी को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद UG और PG विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों में रुचि दिखाई और चर्चा में सक्रिय भागीदारी की। इस दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि पढ़ाई और करियर के दबाव के बीच स्वयं के लिए समय निकालना, पर्याप्त आराम करना तथा स्वस्थ आदतों को दिनचर्या में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। विशेषज्ञों ने दैनिक जीवन में योग और ध्यान को स्थान देने तथा परिवार, मित्रों औ सहपाठियों के साथ खुलकर संवाद करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक सोच विकसित करने और समय रहते समस्याओं पर ध्यान देने के महत्व को रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि बेहतर मानसिक स्वास्थ्य उनकी पढ़ाई, व्यक्तिगत विकास और भविष्य की व्यावसायिक जिम्मेदारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित इस जागरूकता कार्यक्रम ने भावी चिकित्सकों के बीच मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और तनाव प्रबंधन के व्यावहारिक तरीकों पर ध्यान केंद्रित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्वयं के मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने के साथ समाज में भी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित करना रहा।