CJI सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से मिलने से किया इनकार, SIR मामले में याचिका दाखिल करने की सलाह

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया। विपक्षी नेता SIR के विरोध, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपना चाहते थे। CJI ने कहा कि मामला अदालत में विचाराधीन है, इसलिए नेताओं को याचिका दाखिल कर न्यायालय का रुख करना चाहिए।

Oct 12, 2026 - 12:11
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CJI सूर्यकांत ने INDIA ब्लॉक के नेताओं से मिलने से किया इनकार, SIR मामले में याचिका दाखिल करने की सलाह

UNITED NEWS OF ASIA. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और INDIA ब्लॉक के अन्य नेताओं को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। विपक्षी नेता विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखना चाहते थे। इस घटनाक्रम को विपक्ष के प्रस्तावित सुप्रीम कोर्ट मार्च से पहले महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, विपक्षी नेताओं ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के लिए समय मांगा था। वे सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे थे। हालांकि, CJI सूर्यकांत ने 11 अक्टूबर को ईमेल के माध्यम से मुलाकात की अनुमति नहीं देने के फैसले और इसके पीछे की वजह की जानकारी दी।

विचाराधीन मामले पर बाहर चर्चा से इनकार

मुख्य न्यायाधीश की ओर से कहा गया कि जिन मुद्दों पर पहले से सुप्रीम कोर्ट में विचार किया जा रहा है, उन पर अदालत के बाहर चर्चा करना उचित नहीं है। विपक्षी नेताओं को सलाह दी गई कि यदि वे इस मामले में अपनी बात रखना चाहते हैं, तो नियमानुसार याचिका दाखिल कर न्यायालय का रुख करें। इस तरह मामले को निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से उठाने का रास्ता बताया गया।

रिपोर्ट के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने कहा कि राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे इस विषय पर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो वे याचिका दाखिल कर सकते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मामला मंगलवार के लिए सूचीबद्ध है और नेता चाहें तो उससे पहले या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार याचिका दायर कर सकते हैं। दाखिल याचिका पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे को लेकर विपक्ष की मांग

विपक्षी नेताओं की प्रमुख मांगों में मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का मुद्दा, SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग शामिल बताई गई है। विपक्ष इन विषयों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराना चाहता था। हालांकि, इन आरोपों और मांगों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया तथा संबंधित तथ्यों के आधार पर ही होगा।

इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था कि विपक्ष ने सोमवार शाम चार से पांच बजे के बीच मुख्य न्यायाधीश से मिलने का समय मांगा है। विपक्ष की योजना सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और ज्ञापन सौंपने की थी। मुलाकात की अनुमति नहीं मिलने के बाद नेताओं के सामने अदालत में याचिका दाखिल करने का विकल्प सामने आया।

अब याचिका के जरिए उठाया जा सकता है मामला

CJI के फैसले के बाद विपक्षी नेताओं को अपने मुद्दे न्यायालय के समक्ष रखने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनानी होगी। मुख्य न्यायाधीश की ओर से स्पष्ट किया गया कि संबंधित विषय पहले से अदालत के विचाराधीन है, इसलिए उस पर उचित माध्यम से ही सुनवाई की मांग की जानी चाहिए।

यह घटनाक्रम SIR और मतदाता सूची से जुड़े विवाद के बीच सामने आया है। अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि विपक्षी नेता याचिका दाखिल करते हैं या नहीं और न्यायालय इस मामले में क्या रुख अपनाता है।