कबीरधाम में राज्य सलाहकार ने एफएसटीपी और कचरा कलेक्शन व्यवस्था का किया निरीक्षण
कबीरधाम जिले के ग्राम पंचायत जेवडनकला, महराटोला और राजपुर में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित कार्यों का राज्य सलाहकार अभिलाषा आनंद ने निरीक्षण किया। उन्होंने एफएसटीपी मल कीचड़ उपचार संयंत्र की कार्यप्रणाली और रखरखाव की समीक्षा की। साथ ही घर-घर कचरा संग्रहण, कचरा पृथक्करण और यूजर चार्ज की व्यवस्था को लेकर महिला स्व-सहायता समूहों से जानकारी ली।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l कबीरधाम जिले में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित स्वच्छता एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों की जमीनी स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य सलाहकार अभिलाषा आनंद ने विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। एक दिवसीय प्रवास के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत जेवडनकला, महराटोला और राजपुर पहुंचकर योजना के अंतर्गत चल रहे विभिन्न कार्यों का अवलोकन किया और मैदानी कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान राज्य सलाहकार ने मुख्य रूप से एफएसटीपी यानी मल कीचड़ उपचार संयंत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने संयंत्र की कार्यप्रणाली, संचालन व्यवस्था और रखरखाव से संबंधित जानकारी ली। इस दौरान संयंत्र के संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने योजना के अधिकारियों और मैदानी अमले से व्यवस्थाओं की जानकारी लेते हुए कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए।
इसके बाद अभिलाषा आनंद ने घर-घर कचरा कलेक्शन की व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से सीधे बातचीत कर कचरा संग्रहण की नियमितता, कचरे के पृथक्करण और यूजर चार्ज संग्रहण के संबंध में जानकारी ली। महिला समूहों द्वारा किए जा रहे कार्यों और सामने आने वाली व्यावहारिक परिस्थितियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई।
निरीक्षण के दौरान महिला स्व-सहायता समूहों को निर्देशित किया गया कि घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था नियमित रूप से संचालित की जाए। ग्रामीणों को गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने के लिए लगातार समझाइश देने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही कचरा संग्रहण से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं की आजीविका संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए भी आवश्यक प्रयास करने की बात कही गई।
राज्य सलाहकार ने जिले में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए रणनीति तैयार कर कार्य करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल कचरा संग्रहण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि कचरे के पृथक्करण, संग्रहण और प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से लागू करने की जरूरत है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों और मैदानी कर्मचारियों के समन्वय पर भी जोर दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान योजना से जुड़ी दीदियों और स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों के माध्यम से घर-घर जागरूकता अभियान चलाने का सुझाव दिया गया। इसके माध्यम से ग्रामीण परिवारों को गीला-सूखा कचरा अलग रखने और स्वच्छता संबंधी व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया गया।
निरीक्षण के दौरान जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव, महिला स्व-सहायता समूहों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। राज्य सलाहकार के निरीक्षण को स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तहत संचालित गतिविधियों की जमीनी समीक्षा और व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा गया।