अघोषित आपातकाल में लोकतंत्र खतरे में, लोकतंत्र सेनानियों की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात होने का आरोप लगाया है। उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शनों पर रोक, नागरिक अधिकारों के हनन और लोकतंत्र सेनानी पेंशन पाने वालों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी को संविधान और जनता के अधिकारों के पक्ष में खड़ा होना चाहिए।

Oct 12, 2026 - 13:25
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अघोषित आपातकाल में लोकतंत्र खतरे में, लोकतंत्र सेनानियों की चुप्पी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने देश में लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों की स्थिति को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। 11 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने आरोप लगाया कि देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात बन रहे हैं। उनके मुताबिक, लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है, संवैधानिक अधिकारों के हनन की शिकायतें सामने आ रही हैं और जनता के वोट की ताकत पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ठाकुर ने तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब लोकतंत्र खतरे में है, तो वे कहां हैं? क्या उनका लोकतंत्र प्रेम केवल पेंशन लेने तक सीमित है?

धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग, सड़कों पर कीलें लगाने, यातायात बाधित करने और इंटरनेट बंद करने जैसी कार्रवाइयों की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को लेकर भी चिंताएं बढ़ रही हैं। कांग्रेस प्रवक्ता के अनुसार, लोकतंत्र की रक्षा का दावा करने वाले लोगों को ऐसे समय में अपनी भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए और नागरिक अधिकारों के समर्थन में आवाज उठानी चाहिए।

ठाकुर ने कहा कि जब युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते हैं, बेटियां न्याय की मांग करती हैं और नागरिक शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज कराते हैं, तब उन्हें रोकने, गिरफ्तार करने और मुकदमों में उलझाने की शिकायतें सामने आती हैं। उन्होंने सवाल किया कि लोकतंत्र की दुहाई देने वाले तथाकथित सेनानी इन मुद्दों पर मौन क्यों हैं। उनके अनुसार, लोकतंत्र की रक्षा के नाम पर पेंशन पाने वालों की भी जिम्मेदारी है कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक स्वतंत्रता से जुड़े सवालों पर अपनी बात रखें।

कांग्रेस प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों में से कई की राजनीतिक निष्ठा लोकतांत्रिक मूल्यों से अधिक संघ और भाजपा की विचारधारा के प्रति रही है। उन्होंने कहा कि इन लोगों की चुप्पी से यह सवाल उठता है कि उनका लोकतंत्र के प्रति समर्थन सिद्धांतों पर आधारित है या राजनीतिक सुविधा पर। ठाकुर ने कहा कि जनता के टैक्स से मिलने वाली पेंशन किसी को लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों से मुक्त नहीं करती। लोकतंत्र केवल सम्मान या तमगा नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है, जिसकी असली परीक्षा तब होती है जब सत्ता के खिलाफ जनता की आवाज उठती है।

धनंजय सिंह ठाकुर ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। उन्होंने भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता, मीडिया की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को बाधित करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, लोकतंत्र की रक्षा के लिए केवल दावे करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नागरिक अधिकारों के पक्ष में खड़ा होना भी जरूरी है।

ठाकुर ने अंत में तथाकथित लोकतंत्र सेनानियों से सवाल किया कि जब लोकतंत्र पर खतरे की बात उठ रही है, तब वे जनता के साथ खड़े हैं या सत्ता की सुविधा के साथ। उन्होंने कहा कि जनता देख रही है कि लोकतंत्र की रक्षा के मुद्दे पर कौन आवाज उठा रहा है और कौन चुप है। ये सभी आरोप और सवाल कांग्रेस प्रवक्ता की ओर से जारी बयान का हिस्सा हैं।