वोट चोरी के आरोपों पर कांग्रेस का बड़ा हमला, दीपक बैज बोले- लोकतंत्र बचाने के लिए आखिरी दम तक लड़ेंगे
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस्तीफे, मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया रोकने की मांग की। कांग्रेस ने मतदाता सूची से हटाए गए नामों की बहाली और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l देश में कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से 11 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी अपनी लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ मिलकर देश की चुनाव प्रणाली को प्रभावित करने का काम किया है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री से इस्तीफा देने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग की है।
SIR प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि SIR के नाम पर भाजपा के इशारे पर देश में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मांग की कि SIR प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और मतदाता सूची से हटाए गए सभी पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं। बैज के अनुसार, मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कांग्रेस अध्यक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम सहित कई राज्यों में सवाल उठे हैं। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए इन आरोपों की गंभीरता से जांच आवश्यक है।
दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का किया उल्लेख
बैज ने अपने बयान में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की कथित लिखित आपत्तियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि पिछले दस महीनों में SIR के दौरान मतदाताओं के नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया को लेकर दोनों चुनाव आयुक्तों ने 14 मौकों पर आपत्तियां और टिप्पणियां दर्ज कीं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज कर दिया गया। कांग्रेस अध्यक्ष के मुताबिक, ये तथ्य चुनाव आयोग के रिकॉर्ड में मौजूद हैं और इनसे आयोग के भीतर निर्णय प्रक्रिया पर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार करते हुए मनमाने तरीके से काम किया। बैज ने कहा कि यदि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया में अनियमितताएं हुई हैं, तो इसकी जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
राहुल गांधी के आरोपों का भी किया समर्थन
दीपक बैज ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से पहले उठाए गए वोट चोरी के मुद्दे का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयुक्तों की टिप्पणियों से राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों को बल मिला है। साथ ही, उन्होंने दिसंबर 2023 में चुनाव आयुक्तों को कानूनी संरक्षण देने वाले कानून को लेकर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इससे जवाबदेही प्रभावित हो सकती है।
कांग्रेस ने मांग की है कि मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम बहाल किए जाएं, SIR प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। हालांकि, प्रेस विज्ञप्ति में लगाए गए आरोप कांग्रेस का पक्ष हैं। इनमें बताए गए आंकड़ों, आपत्तियों और कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र पुष्टि इस विज्ञप्ति से नहीं होती।