CJP का दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख देने की मांग
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर रोक की मांग को लेकर CJP का विरोध प्रदर्शन जारी है। संगठन ने दिल्ली पुलिस से 24 घंटे के भीतर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख तय करने की मांग की है। CJP नेताओं ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
UNITED NEWS OF ASIA. दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रोकने की मांग को लेकर दिल्ली में विरोध प्रदर्शन तेज होता नजर आ रहा है। इसी बीच CJP ने दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख तय करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि तय समय के भीतर प्रदर्शन की अनुमति और तारीख को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो वह विरोध प्रदर्शन का नया आह्वान करेगा।
CJP नेताओं के मुताबिक, संगठन लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के तहत अपनी मांगों को उठाना चाहता है। इसी उद्देश्य से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की योजना बनाई गई है। संगठन का कहना है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति और तारीख को लेकर दिल्ली पुलिस के साथ संगठन का विवाद सामने आया है।
संसद मार्ग थाने पहुंचने का ऐलान
CJP नेता आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी कि वह सौरभ दास और अन्य नेताओं के साथ सोमवार सुबह 10 बजे संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचेंगे। वहां दिल्ली पुलिस से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के लिए अनुमति और तारीख निर्धारित करने की मांग की जाएगी। संगठन की ओर से कहा गया है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित करने की इच्छा है और इसके लिए पुलिस से स्पष्ट जवाब मांगा जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आशुतोष रांका ने देश के हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा कि देश में जंग जैसे हालात बना दिए गए हैं। उन्होंने संकेत दिया कि संगठन अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने के बजाय आंदोलन जारी रखेगा। CJP नेताओं का कहना है कि विरोध प्रदर्शन उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का हिस्सा है।
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP का मुख्य विरोध मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। संगठन मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR की प्रक्रिया पर भी सवाल उठा रहा है और इसे रोकने की मांग कर रहा है। संगठन के अनुसार, इन मुद्दों पर अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करना जरूरी है।
इस बीच, दिल्ली में लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन जारी रहने की जानकारी सामने आई है। संगठन के नेताओं ने कहा है कि यदि पुलिस 24 घंटे के भीतर प्रदर्शन की तारीख तय नहीं करती है, तो वे आगे की रणनीति घोषित करेंगे। फिलहाल पुलिस की ओर से प्रदर्शन के लिए तारीख निर्धारित किए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।
अभिजीत दीपके के मामले पर भी चर्चा
खबर के मुताबिक, CJP से जुड़े अभिजीत दीपके अपनी दादी के निधन के बाद रविवार को नागपुर लौट गए। एयरपोर्ट पहुंचने पर उन्होंने कहा कि उन्हें चाहे 100 बार जेल में डाल दिया जाए, वे डरने वाले नहीं हैं। वहीं, दिल्ली पुलिस ने बताया कि अभिजीत दीपके की दादी के निधन की सूचना मिलने के बाद पुलिस उनके पास गई थी और उन्हें दुखद समाचार देने के साथ हर संभव सहायता की पेशकश की गई थी।
फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की तारीख तय करने की मांग और दिल्ली पुलिस के रुख को लेकर मामला चर्चा में है। CJP ने स्पष्ट किया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR से जुड़े मुद्दों पर उसका विरोध जारी रहेगा। अब देखना होगा कि दिल्ली पुलिस की ओर से प्रदर्शन को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।