गोवा में रेवंत रेड्डी का भाजपा पर निशाना, बोले- भाजपा रावण और कांग्रेस राम

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने गोवा में कांग्रेस की ‘गोय राखोन यात्रा’ की शुरुआत करते हुए भाजपा पर लोगों को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए भाजपा की तुलना रावण और कांग्रेस की तुलना राम से की। साथ ही 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव में मतदाताओं से कांग्रेस के चुनाव चिह्न हाथ पर वोट देने की अपील की।

Oct 12, 2026 - 12:54
 0  3
गोवा में रेवंत रेड्डी का भाजपा पर निशाना, बोले- भाजपा रावण और कांग्रेस राम

UNITED NEWS OF ASIA. गोवा। गोवा में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कांग्रेस की ‘गोय राखोन यात्रा’ की शुरुआत करते हुए भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने रामायण का उदाहरण दिया और कांग्रेस की तुलना भगवान राम से, जबकि भाजपा की तुलना रावण से की। उनके इस बयान के बाद गोवा की राजनीति में सियासी बयानबाजी तेज होने की संभावना है।

रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में मतदाताओं से आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा गोवा में लोगों को बांटने की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि छोटी पार्टियों को दिया गया वोट भी भाजपा के पक्ष में जा सकता है। इसलिए मतदाताओं को कांग्रेस के चुनाव चिह्न हाथ पर वोट देना चाहिए। हालांकि, छोटी पार्टियों के वोट भाजपा को जाने संबंधी यह बात रेवंत रेड्डी का राजनीतिक दावा है।

भाजपा को रावण और कांग्रेस को राम बताया

सभा को संबोधित करते हुए रेवंत रेड्डी ने कहा कि भारतीय राजनीति की कहानी में एक राम और एक रावण है। उन्होंने भाजपा को रावण और कांग्रेस को राम बताते हुए कहा कि यदि भाजपा को हराना है, तो कांग्रेस का समर्थन करना होगा। उनके इस बयान का उद्देश्य आगामी चुनाव में कांग्रेस के पक्ष में जनसमर्थन जुटाना माना जा रहा है।

रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि गोवा में उन्हें वैसा ही उत्साह देखने को मिल रहा है, जैसा 2023 के तेलंगाना विधानसभा चुनाव से पहले दिखाई दिया था। उन्होंने इस उत्साह को कांग्रेस के लिए सकारात्मक संकेत बताते हुए 2027 के गोवा विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत का भरोसा जताया। उनके मुताबिक, कांग्रेस को मजबूत समर्थन मिलने पर राज्य में राजनीतिक बदलाव संभव है।

छोटी पार्टियों को लेकर मतदाताओं से अपील

रेवंत रेड्डी ने अपने भाषण में छोटी राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाले वोटों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने वोट को विभाजित न होने दें और कांग्रेस के चुनाव चिह्न पर मतदान करें। उनका कहना था कि भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस के पक्ष में एकजुट होना जरूरी है। यह अपील आगामी चुनाव से पहले विपक्षी मतों को कांग्रेस के साथ जोड़ने की रणनीति के रूप में देखी जा सकती है।

गोवा में विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं। ऐसे में कांग्रेस और भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों ने मतदाताओं तक पहुंच बनाने की तैयारियां शुरू कर दी हैं। ‘गोय राखोन यात्रा’ के जरिए कांग्रेस राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

भगवान राम और शिव को लेकर पहले भी दे चुके हैं बयान

रेवंत रेड्डी इससे पहले भी धार्मिक प्रतीकों और राजनीतिक विचारधारा को लेकर बयान दे चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को उन्होंने भगवान शिव और भगवान राम को लेकर टिप्पणी की थी। उन्होंने शिव को गरीबों और राम को अमीरों का भगवान बताते हुए भाजपा को अमीरों की पार्टी कहा था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि भाजपा ने भगवान राम को अपने राजनीतिक विमर्श से जोड़ लिया है।

गोवा में दिए गए ताजा बयान के साथ रेवंत रेड्डी ने एक बार फिर धार्मिक प्रतीकों के माध्यम से भाजपा और कांग्रेस की राजनीतिक विचारधाराओं के बीच अंतर बताने की कोशिश की है। अब देखना होगा कि उनके इस बयान का गोवा की राजनीति और आगामी विधानसभा चुनाव के प्रचार पर क्या प्रभाव पड़ता है।