मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़ता से आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का अवसर भी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्गों के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार और जीवन मूल्य आज भी भारतीय समाज को प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे पर्व लोगों को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने के साथ समाज में प्रेम, सद्भाव और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भक्तों के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष भी किया।
विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की समृद्ध परंपरा से जुड़ी रही है। माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल होने के कारण प्रदेश की धार्मिक विरासत का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे धार्मिक स्थल तथा मां बमलेश्वरी, मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे आस्था केंद्र प्रदेश की पहचान को समृद्ध करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था केंद्रों को बेहतर सुविधाओं के साथ भव्य स्वरूप देने की दिशा में काम कर रही है। ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि आर्थिक या अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इसके लिए सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में राम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद प्रदेशवासियों में दर्शन को लेकर उत्साह बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्याधाम में रामलला के दर्शन कर चुके हैं। इसी तरह मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से हमारी विरासत के संरक्षण के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। इससे स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों के लिए आय तथा रोजगार के नए अवसर बन सकते हैं। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं।
उल्लेखनीय है कि इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के अवसर पर 3 से 5 सितंबर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव में भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन हो रहा है। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारी, संतजन और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।