गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के सहायक शिक्षक धर्मेंद्र कुमार कैवर्त और प्राचार्य शिवनारायण सिंह को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया। राजधानी रायपुर में आयोजित गरिमामय समारोह में दोनों शिक्षकों को राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की उपस्थिति में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद दोनों शिक्षकों के प्रति जिलेभर से बधाई और शुभकामनाओं का सिलसिला जारी है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर मिलने वाला यह सम्मान शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की भूमिका को रेखांकित करता है। शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम का ज्ञान देने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण, अनुशासन, सोच और भविष्य की दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी जिम्मेदारी और समर्पण के साथ कार्य करने वाले शिक्षकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाना शिक्षा जगत के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।
धर्मेंद्र कुमार कैवर्त को सहायक शिक्षक के रूप में शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मान मिला है, जबकि शिवनारायण सिंह को प्राचार्य के रूप में उनके कार्यों के लिए राज्य शिक्षक सम्मान प्रदान किया गया। दोनों शिक्षकों की उपलब्धि ने गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले को राज्य स्तर पर पहचान दिलाई है। जिले के शिक्षा विभाग, शिक्षक समुदाय और विद्यार्थियों में इस सम्मान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में शिक्षकों के योगदान और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनकी भूमिका को महत्व दिया गया। शिक्षक दिवस देश के महान शिक्षाविद् और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है। यह दिन समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने का अवसर प्रदान करता है। ऐसे अवसरों पर उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान अन्य शिक्षकों को भी बेहतर कार्य करने और शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रयासों के लिए प्रेरित करता है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लिए यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य स्तर पर दो शिक्षकों को सम्मान मिलने से जिले की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक समुदाय का मनोबल बढ़ा है। दोनों शिक्षकों की सफलता विद्यार्थियों के प्रति समर्पण, जिम्मेदारी और निरंतर प्रयास की प्रेरणा देती है। शिक्षक दिवस के मौके पर मिला यह सम्मान केवल धर्मेंद्र कुमार कैवर्त और शिवनारायण सिंह की व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन सभी शिक्षकों के समर्पण और मेहनत को भी सम्मानित करता है, जो विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने और उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव मजबूत करने में लगातार जुटे हुए हैं।
राज्य शिक्षक सम्मान से सम्मानित दोनों शिक्षकों को जिले के शिक्षा जगत, शिक्षा विभाग, सहकर्मियों और विद्यार्थियों की ओर से बधाई दी जा रही है। उनकी उपलब्धि को जिले के लिए गौरव का विषय बताते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही जिले के अन्य शिक्षक भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए नए प्रयासों के साथ आगे बढ़ेंगे।