US Midterm Election 2026: ट्रंप को बड़ा झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट पर कब्जा जमाया; हाउस में बहुमत की दौड़ जारी

अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है, जबकि प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत का फैसला अभी बाकी है। दक्षिण कैरोलिना, नॉर्थ कैरोलिना और अन्य राज्यों में डेमोक्रेट्स की जीत ने चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। ट्रंप ने नतीजों को अपने खिलाफ व्यक्तिगत हार मानने से इनकार किया, लेकिन डेमोक्रेट्स के साथ काम करने की बात कही।

Nov 4, 2026 - 11:35
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US Midterm Election 2026: ट्रंप को बड़ा झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट पर कब्जा जमाया; हाउस में बहुमत की दौड़ जारी

UNITED NEWS OF ASIA. अमेरिका के 2026 मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चुनावी नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने अमेरिकी सीनेट में बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स ने मजबूत बढ़त बनाई है, लेकिन वहां बहुमत का अंतिम फैसला अभी बाकी है। इन नतीजों को ट्रंप प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है।

अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को हुए मध्यावधि चुनाव में प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 100 में से 35 सीटों पर चुनाव हुआ। इन चुनावों के जरिए यह तय होना है कि राष्ट्रपति के कार्यकाल के अगले दो वर्षों में संसद के दोनों सदनों पर किस पार्टी का नियंत्रण रहेगा। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डेमोक्रेट्स ने सीनेट का नियंत्रण हासिल कर लिया है और हाउस में भी बहुमत के करीब पहुंच गए हैं। हालांकि हाउस की कई सीटों पर मतगणना और नतीजों की घोषणा जारी है। 

चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को कई ऐसे राज्यों में सफलता मिली, जिन्हें रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत क्षेत्र माना जाता रहा है। दक्षिण कैरोलिना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एनी एंड्र्यूज ने रिपब्लिकन उम्मीदवार डार्लिन ग्राहम को हराकर बड़ा उलटफेर किया। डार्लिन ग्राहम रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम की बहन हैं। इस जीत को रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। नॉर्थ कैरोलिना में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवार रॉय कूपर ने सीनेट की सीट जीतकर पार्टी को महत्वपूर्ण बढ़त दिलाई। 

जॉर्जिया से डेमोक्रेटिक नेता जॉन ओसॉफ ने भी सीनेट चुनाव में जीत दर्ज कर अपनी सीट बरकरार रखी। जीत के बाद अपने संबोधन में उन्होंने ट्रंप प्रशासन की नीतियों पर निशाना साधा। ओसॉफ ने कहा कि चुनाव परिणामों ने देश की राजनीतिक दिशा को लेकर मतदाताओं की नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए उम्मीद जगाने वाला जनादेश बताया। 

दूसरी ओर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनावी नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए इन्हें अपनी व्यक्तिगत हार मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि वह खुद चुनावी बैलेट पर नहीं थे और यदि उनका नाम बैलेट पर होता तो रिपब्लिकन पार्टी बेहतर प्रदर्शन करती। हालांकि ट्रंप ने डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने नतीजों को अपने खिलाफ व्यक्तिगत जनादेश मानने से इनकार किया, लेकिन विपक्ष के साथ न चुनाव परिणामों का सबसे बड़ा असर अमेरिकी संसद में राष्ट्रपति की राजनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है।

सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी का नियंत्रण होने से ट्रंप प्रशासन के कई फैसलों और नियुक्तियों को लेकर राजनीतिक खींचतान बढ़ सकती है। यदि डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा में भी बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो संसदीय समितियों के जरिए सरकार के फैसलों की जांच, अधिकारियों से पूछताछ और दस्तावेजों की मांग जैसे अधिकार उनके पास आ जाएंगे।

कुल मिलाकर, 2026 के मिडटर्म चुनाव ने अमेरिकी राजनीति में नया समीकरण तैयार कर दिया है। सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत ने ट्रंप प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है, जबकि हाउस के अंतिम नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हैं।

संपादकीय तथ्य-जांच नोट: उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार सीनेट में डेमोक्रेट्स की जीत की पुष्टि है, लेकिन हाउस में बहुमत अभी तय नहीं हुआ है। इसलिए मूल कॉपी में दोनों सदनों में डेमोक्रेट्स के बहुमत और ट्रंप द्वारा हार स्वीकार करने के दावे को तथ्य के रूप में प्रकाशित करना सही नहीं होगा।