कच्चा तेल 94 डॉलर के नीचे, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानिए प्रमुख शहरों में आज के रेट

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी है। पांच नवंबर को ब्रेंट क्रूड करीब 93.65 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी WTI क्रूड 86.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। इसके बावजूद भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। जानिए दिल्ली, मुंबई, इंदौर, कोलकाता और चेन्नई में आज के ईंधन के दाम।

Nov 5, 2026 - 13:05
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कच्चा तेल 94 डॉलर के नीचे, फिर भी पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानिए प्रमुख शहरों में आज के रेट

UNITED NEWS OF ASIA. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। गुरुवार, पांच नवंबर को ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर करीब 93.65 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी WTI क्रूड करीब 86.98 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में आई इस गिरावट के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल के खुदरा दामों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं हुआ है। ऐसे में आम लोगों को अभी ईंधन की कीमतों में राहत का इंतजार करना पड़ रहा है।

इससे पहले बुधवार को भी कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। ब्रेंट क्रूड करीब आठ दशमलव सात प्रतिशत टूटकर 94.62 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था, जबकि WTI क्रूड में लगभग आठ दशमलव तीन प्रतिशत की गिरावट आई थी और यह 88.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। दोनों प्रमुख बेंचमार्क करीब दो महीने के निचले स्तर पर आ गए थे।

ट्रम्प की पार्टी को चुनावी झटका और ईरान तनाव का असर

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के पीछे अमेरिका के मिडटर्म चुनाव और ईरान के साथ तनाव कम होने की संभावनाओं को प्रमुख वजह माना जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में झटका लगने और डेमोक्रेट्स की बढ़त से राजनीतिक दबाव बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

बाजार में यह उम्मीद बनी है कि राजनीतिक परिस्थितियों के कारण अमेरिका पर ईरान के साथ जारी संघर्ष का कूटनीतिक समाधान तलाशने का दबाव बढ़ सकता है। यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम होता है तो पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति बेहतर होने की संभावना है। इसी उम्मीद के चलते निवेशकों ने कच्चे तेल में बिकवाली की। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त होने या शांति समझौते की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में गिरावट के बावजूद पांच नवंबर को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बताए गए हैं। उपलब्ध दरों के अनुसार इंदौर में पेट्रोल 114.58 रुपये और डीजल 99.70 रुपये प्रति लीटर है। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर दर्ज किया गया है।

मुंबई में पेट्रोल 111.21 रुपये और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर, जबकि चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर बताया गया है।

कच्चा तेल सस्ता होने पर भी क्यों नहीं घटे दाम?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का असर घरेलू पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर तुरंत नहीं दिखाई देता। तेल कंपनियां कच्चे तेल के अंतरराष्ट्रीय भाव के साथ डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, रिफाइनिंग लागत, परिवहन और अन्य खर्चों को भी ध्यान में रखती हैं।

इसके अलावा केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट भी पेट्रोल-डीजल की अंतिम खुदरा कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल के दाम तत्काल कम होना जरूरी नहीं है।

भारत को क्या मिल सकता है फायदा?

भारत अपनी जरूरत का अस्सी प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें घटने से देश के आयात बिल में कमी आ सकती है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत और महंगाई के दबाव में राहत मिलने की उम्मीद रहती है। इसके अलावा विमानन, पेंट और केमिकल उद्योगों की लागत घट सकती है। परिवहन खर्च कम होने पर माल ढुलाई और अन्य वस्तुओं की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

आने वाले दिनों में कच्चे तेल की कीमतें अमेरिका-ईरान संबंधों, पश्चिम एशिया में आपूर्ति की स्थिति और वैश्विक मांग पर निर्भर करेंगी। तनाव कम होने पर कीमतों में नरमी बनी रह सकती है, जबकि सैन्य तनाव या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कच्चा तेल फिर महंगा हो सकता है। फिलहाल आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत के लिए तेल कंपनियों और सरकार के फैसलों का इंतजार करना होगा।