कोंडागांव के गुण्डाधुर महाविद्यालय में साइबर जागरूकता क्लास, डीएसपी सिद्धार्थ बघेल ने बताए ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय
कोंडागांव पुलिस ने शासकीय गुण्डाधुर महाविद्यालय में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। डीएसपी सिद्धार्थ बघेल ने विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी नौकरी और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से बचाव के तरीके बताए। साइबर ठगी होने पर हेल्पलाइन नंबर 1930 और आधिकारिक पोर्टल पर शिकायत करने की जानकारी भी दी गई।
UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोण्डागांव l छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। इसी कड़ी में शासकीय गुण्डाधुर महाविद्यालय, कोंडागांव में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उप पुलिस अधीक्षक (साइबर) सिद्धार्थ बघेल ने विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में बढ़ते साइबर अपराधों और उनसे बचने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और सोशल मीडिया का सुरक्षित इस्तेमाल करने के प्रति जागरूक करना था। डीएसपी सिद्धार्थ बघेल ने बताया कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार के साथ साइबर अपराधी भी धोखाधड़ी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में किसी भी ऑनलाइन गतिविधि के दौरान सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है।
डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के तरीकों की दी जानकारी
जागरूकता क्लास के दौरान विद्यार्थियों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली ठगी के बारे में विस्तार से बताया गया। उन्हें समझाया गया कि साइबर अपराधी कई बार खुद को पुलिस अधिकारी, जांच एजेंसी का कर्मचारी या बैंक अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं। इसके अलावा ओटीपी और यूपीआई फ्रॉड, फर्जी एपीके फाइल, साइबर बुलिंग, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, फर्जी नौकरी और ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
डीएसपी बघेल ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि किसी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर क्लिक न करें और मोबाइल में संदिग्ध फाइल या एप्लीकेशन डाउनलोड करने से बचें। बैंक खाते, एटीएम, यूपीआई और ओटीपी से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। उन्होंने मजबूत पासवर्ड रखने और सोशल मीडिया पर निजी जानकारी, फोटो तथा अन्य व्यक्तिगत विवरण साझा करते समय विशेष सावधानी बरतने की समझाइश दी।
साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराध का शिकार होने पर तुरंत कार्रवाई करने की जानकारी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
साइबर बुलिंग या ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग की स्थिति में घबराने के बजाय संबंधित चैट, मैसेज, स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई। ऐसे मामलों की सूचना तत्काल पुलिस को देना भी जरूरी बताया गया, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
विद्यार्थियों से परिवार और समाज को जागरूक करने की अपील
कार्यक्रम में प्रधान आरक्षक लूमन सिंह भंडारी और आरक्षक मनीष बोस भी उपस्थित रहे। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को केवल स्वयं साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन करने तक सीमित नहीं रहने, बल्कि अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी ऑनलाइन ठगी के प्रति जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।
कोंडागांव पुलिस द्वारा जिले के शैक्षणिक संस्थानों में लगातार साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य विद्यार्थियों और आम नागरिकों को डिजिटल अपराधों के प्रति सतर्क बनाना तथा सुरक्षित डिजिटल वातावरण तैयार करने में जनभागीदारी बढ़ाना है।