85 साल की उम्र में स्वच्छता की मिसाल, तिरिथ राम साहू बना रहे गांव को प्लास्टिक मुक्त

कवर्धा जिले के धरमपुरा गांव के 85 वर्षीय तिरिथ राम साहू पिछले छह महीनों से गांव को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं। घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करने वाले तिरिथ राम साहू आज पूरे गांव के लिए प्रेरणास्रोत बन चुके हैं।

Jul 30, 2026 - 15:31
 0  2
85 साल की उम्र में स्वच्छता की मिसाल, तिरिथ राम साहू बना रहे गांव को प्लास्टिक मुक्त

UNITED NEWS OF ASIA. कवर्धा जिले के विकासखंड कवर्धा अंतर्गत ग्राम पंचायत धरमपुरा में 85 वर्षीय तिरिथ राम साहू स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं, जिसने पूरे गांव को प्रेरित किया है। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे प्रतिदिन गांव की साफ-सफाई, प्लास्टिक कचरे का संग्रहण और लोगों को जागरूक करने का कार्य पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ कर रहे हैं। उनके प्रयासों से गांव में प्लास्टिक के उपयोग में उल्लेखनीय कमी आई है और स्वच्छता के प्रति लोगों की सोच भी बदली है।

पिछले छह महीनों से तिरिथ राम साहू रोज सुबह गांव की गलियों की सफाई करते हैं। वे नालियों की सफाई के साथ-साथ प्लास्टिक कचरा एकत्र कर उसके उचित निस्तारण की व्यवस्था भी सुनिश्चित करते हैं। इसके अलावा वे घर-घर जाकर ग्रामीणों को खुले में कचरा नहीं फेंकने, गीले और सूखे कचरे को अलग-अलग रखने तथा प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए प्रेरित करते हैं।

तिरिथ राम साहू स्वच्छाग्रही दीदियों के साथ मिलकर कचरा संग्रहण अभियान में भी सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। वे ग्रामीणों को इस कार्य में सहयोग के लिए प्रेरित करते हैं और एकत्रित प्लास्टिक कचरे को संग्रहण केंद्र तक पहुंचाने में भी मदद करते हैं। स्वयं हमेशा कपड़े के थैले का उपयोग कर वे दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करते हैं और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने तिरिथ राम साहू के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ भारत मिशन तभी सफल होगा, जब समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी होगी। उन्होंने कहा कि तिरिथ राम साहू जैसे नागरिक पूरे जिले के लिए प्रेरणा हैं और उनकी जनभागीदारी स्वच्छता अभियान की सफलता का वास्तविक उदाहरण है।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि तिरिथ राम साहू ने यह साबित कर दिया है कि यदि समाज सेवा का जज्बा हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती। उनका समर्पण युवाओं के लिए प्रेरणादायक है और वे वास्तव में स्वच्छता अभियान के ब्रांड एंबेसडर हैं।

जिला समन्वयक संजय सोनी ने बताया कि तिरिथ राम साहू के लगातार प्रयासों से गांव में प्लास्टिक के उपयोग में लगभग 90 प्रतिशत तक कमी आई है। अब गांव में खुले में कचरा लगभग दिखाई नहीं देता और लोग स्वच्छता के प्रति पहले से अधिक जागरूक हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके नियमित प्रयासों का असर बच्चों पर भी पड़ा है और अब वे भी कचरा डस्टबिन में ही डालते हैं। तिरिथ राम साहू का यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन में जनभागीदारी का एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।