शिक्षक दिवस पर तिल्दा-नेवरा पुलिस बनी ‘साइबर शिक्षक’, विद्यार्थियों को बताए ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय

शिक्षक दिवस के अवसर पर तिल्दा-नेवरा पुलिस ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर साइबर जागरूकता अभियान चलाया। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, अनजान APK और संदिग्ध लिंक से बचने के उपाय बताए। पुलिस ने गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने और साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत करने की जानकारी दी।

Sep 5, 2026 - 15:24
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शिक्षक दिवस पर तिल्दा-नेवरा पुलिस बनी ‘साइबर शिक्षक’, विद्यार्थियों को बताए ऑनलाइन ठगी से बचाव के उपाय

UNITED NEWS OF ASIA. अशोक मिश्रा, तिल्दा-नेवरा l शिक्षक दिवस के अवसर पर तिल्दा-नेवरा पुलिस ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर साइबर शिक्षक की भूमिका निभाई। थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छात्र-छात्राओं के साथ संवाद करते हुए उन्हें डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने और साइबर अपराधों से बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी दी। साइबर जागरूकता अभियान के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी के अलग-अलग तरीकों के बारे में समझाया गया और सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि वर्तमान समय में मोबाइल और इंटरनेट का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही साइबर अपराधी भी लोगों को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या ऑनलाइन संपर्क पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। पुलिस ने विशेष रूप से फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, संदिग्ध लिंक और अनजान APK फाइलों से सावधान रहने की सलाह दी।

विद्यार्थियों को समझाया गया कि OTP, PIN, पासवर्ड और बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक या किसी अन्य संस्था के नाम पर फोन आने पर भी व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी देने से पहले उसकी सत्यता की पुष्टि करना जरूरी है। पुलिस ने बताया कि साइबर ठग कई बार लोगों को डराने, लालच देने या जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए मजबूर करने का प्रयास करते हैं। ऐसी स्थिति में शांत रहकर पहले जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है।

पुलिस टीम ने अनजान लिंक और APK फाइलों को लेकर भी विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्हें सलाह दी गई कि मोबाइल में किसी भी अनजान स्रोत से एप्लीकेशन डाउनलोड न करें। मोबाइल एप केवल अधिकृत Play Store या App Store से ही डाउनलोड करने की सलाह दी गई। इसके अलावा संदिग्ध वीडियो कॉल, अनजान मैसेज और सोशल मीडिया पर भेजे गए लिंक को लेकर भी सावधानी बरतने के लिए कहा गया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने विद्यार्थियों को साइबर ठगी होने की स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने की जानकारी दी। पुलिस के अनुसार यदि किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी होती है तो देरी किए बिना 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से संबंधित मामले में आवश्यक कार्रवाई शुरू करने में मदद मिल सकती है। विद्यार्थियों से कहा गया कि वे साइबर अपराध की जानकारी अपने परिवार के सदस्यों और आसपास के लोगों तक भी पहुंचाएं।

थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक मोबाइल और इंटरनेट उपयोगकर्ता को भी सतर्क रहना चाहिए। छोटी सी लापरवाही कई बार साइबर ठगी का कारण बन सकती है, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

पुलिस टीम ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे स्वयं साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहें और अपने माता-पिता तथा परिवार के अन्य सदस्यों को भी ऑनलाइन सुरक्षा के नियमों की जानकारी दें। खासतौर पर बुजुर्ग और कम तकनीकी जानकारी रखने वाले लोगों को OTP, PIN और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी सहित थाना तिल्दा-नेवरा का समस्त पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित किया। शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित इस साइबर जागरूकता कार्यक्रम का समापन “साइबर शिक्षा से ही साइबर सुरक्षा” के संदेश के साथ हुआ।