शिक्षक दिवस पर कवर्धा में 108 शिक्षकों का सम्मान, विजय शर्मा बोले- समाज में गुरुजनों का स्थान सदैव अग्रणी

शिक्षक दिवस के अवसर पर कवर्धा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह 2026 का आयोजन किया गया। उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों के योगदान को राष्ट्र निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए अपने गुरुजनों से मिले संस्कार और ज्ञान को आज भी जीवन में उपयोगी बताया। कार्यक्रम में शिक्षा सुविधाओं के विस्तार को लेकर स्मार्ट क्लास, बालिका शौचालय और मेडिकल कॉलेज से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई।

Sep 5, 2026 - 15:36
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शिक्षक दिवस पर कवर्धा में 108 शिक्षकों का सम्मान, विजय शर्मा बोले- समाज में गुरुजनों का स्थान सदैव अग्रणी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l शिक्षक दिवस के अवसर पर कवर्धा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण समारोह 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। इस अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिले के 108 शिक्षकों को शिक्षा दूत एवं ज्ञानदीप पुरस्कार से सम्मानित किया गया। सम्मानित शिक्षकों में सेवानिवृत्त शिक्षक भी शामिल रहे। उप मुख्यमंत्री ने सभी शिक्षकों को शॉल, श्रीफल, मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र भेंट कर उनके योगदान के लिए शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और समाज में गुरुजनों का स्थान सदैव आदरणीय एवं अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम की जानकारी देने तक सीमित नहीं होते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और जीवन को सही दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। शिक्षक द्वारा कक्षा में दिया गया ज्ञान और संस्कार विद्यार्थी के जीवन के अलग-अलग पड़ावों पर मार्गदर्शन का काम करते हैं।

विजय शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वामी करपात्री जी विद्यालय में कक्षा छठवीं से बारहवीं तक शिक्षा प्राप्त की। उनके अनुसार विद्यालय में गुरुजनों ने पढ़ाई के साथ खेलकूद और अन्य गतिविधियों के माध्यम से भी कई महत्वपूर्ण बातें सिखाईं। उन्होंने कहा कि उस समय गुरुजनों से मिला ज्ञान और संस्कार आज भी उनके जीवन में उपयोगी साबित हो रहा है। बचपन में गुरुजनों के साथ बिताए गए पल आज भी उनके लिए प्रेरणादायी और महत्वपूर्ण हैं।

समारोह के दौरान विजय शर्मा ने अपने विद्यार्थी जीवन के गुरुजनों का सम्मान भी किया। उन्होंने जी.आर. चंदेल, पी.पी. दुबे, एम.आर. महोबिया, विजेंद्र श्रीवास्तव और एम.के. गुप्ता को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया और उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान भावुक माहौल भी देखने को मिला। विजय शर्मा ने कहा कि गुरु से प्राप्त शिक्षा, संस्कार और मार्गदर्शन व्यक्ति के जीवन की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे विकास कार्यों की जानकारी भी दी गई। विजय शर्मा ने बताया कि कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के 84 हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किए जा रहे हैं। इनमें से 50 स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा स्थापित हो चुकी है, जबकि बाकी 34 स्कूलों में भी जल्द सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही गई। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने बताया कि बालिकाओं की सुविधा और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए 7 हजार 500 स्कूलों में बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में छात्राओं के लिए आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने के लक्ष्य से इस कार्य को आगे बढ़ाने की बात कही गई। इससे विद्यालयों में छात्राओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

विजय शर्मा ने जिले में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत को भी महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज का काम तेजी से चल रहा है और इस वर्ष यहां 50 सीटों पर पढ़ाई शुरू हो गई है। उन्होंने बताया कि सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के पहले विद्यार्थी हैं। मेडिकल शिक्षा की शुरुआत को उन्होंने क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए नए अवसर और बेहतर भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

समारोह में पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू सहित जनप्रतिनिधि, शिक्षक, विद्यार्थी और अन्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों के योगदान को सम्मानित करने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।