विश्व अंगदान दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह की तैयारी, रेड क्रॉस समिति ने राज्यपाल से की शिष्टाचार भेंट
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की आई, ऑर्गन एवं बॉडी डोनेशन समिति ने राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट कर विश्व अंगदान दिवस पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह और अंगदान-देहदान करने वालों को मरणोपरांत 'गार्ड ऑफ ऑनर' देने संबंधी प्रस्ताव प्रस्तुत किए। राज्यपाल ने दोनों प्रस्तावों पर सकारात्मक मार्गदर्शन दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा गठित आई, ऑर्गन एवं बॉडी डोनेशन समिति की पहली बैठक रायपुर में आयोजित की गई। बैठक में नेत्रदान, अंगदान और देहदान के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने, प्रदेशभर में समन्वित कार्ययोजना तैयार करने तथा इस जनहित अभियान को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता तोमन साहू ने की, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से आए समिति सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से दो महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। पहला, अंगदान और देहदान करने वाले व्यक्तियों को मध्यप्रदेश और ओडिशा की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी मरणोपरांत "गार्ड ऑफ ऑनर" प्रदान करने की अनुशंसा राज्य शासन को भेजी जाएगी। दूसरा, 13 अगस्त 2026 को विश्व अंगदान दिवस के अवसर पर राज्य स्तरीय सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें अंगदान करने वाले व्यक्तियों के परिजनों, पंजीकृत प्रत्यारोपण संस्थानों के निदेशकों, चिकित्सकों और ट्रांसप्लांट को-ऑर्डिनेटर्स का सम्मान किया जाएगा।
बैठक के बाद भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के पदाधिकारियों और समिति के प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समिति के गठन, उसके उद्देश्यों तथा बैठक में पारित प्रस्तावों की जानकारी दी गई। प्रतिनिधिमंडल ने अंगदान, नेत्रदान और देहदान को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए राज्य स्तर पर व्यापक सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
राज्यपाल ने समिति की पहल की सराहना करते हुए दोनों प्रस्तावों पर सकारात्मक सहमति और मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने विश्व अंगदान दिवस पर प्रस्तावित राज्य स्तरीय कार्यक्रम की प्रभावी और व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही समाज में नेत्रदान, अंगदान और देहदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की भूमिका की भी प्रशंसा की।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि समिति चरणबद्ध कार्ययोजना के तहत पूरे प्रदेश में जनजागरूकता अभियान संचालित करेगी। इसके अंतर्गत विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक संस्थाओं और स्वयंसेवी समूहों के सहयोग से नागरिकों को अंगदान, नेत्रदान और देहदान के महत्व के बारे में जागरूक किया जाएगा।
समिति का मानना है कि अंगदान और देहदान जैसे महादान के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ने से अनेक जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिल सकेगा। इसके साथ ही चिकित्सकीय शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। समिति ने यह संकल्प लिया कि आने वाले समय में राज्यभर में नियमित जनजागरूकता कार्यक्रम, संगोष्ठियां और प्रेरक अभियान आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक लोग इस महादान के लिए आगे आएं।
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में अंगदान, नेत्रदान और देहदान को जनभागीदारी का अभियान बनाना है। समिति का विश्वास है कि शासन, स्वास्थ्य संस्थानों और समाज के संयुक्त प्रयासों से प्रदेश इस क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में स्थापित हो सकेगा तथा जरूरतमंद मरीजों के जीवन को नई आशा मिल सकेगी।