नारायणपुर में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता, सर्च अभियान में हथियार और विस्फोटक का डंप बरामद
नारायणपुर जिले के ओरछा थाना क्षेत्र में आईटीबीपी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्च अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियार और विस्फोटक सामग्री का डंप बरामद किया। सुरक्षा बलों ने बरामद सामग्री जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
UNITED NEWS OF ASIA. संतोष मजुमदार, नारायणपुर l छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। नक्सल मुक्त क्षेत्रों में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे लगातार सर्च अभियानों के तहत आईटीबीपी की 44वीं वाहिनी और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियार और विस्फोटक सामग्री का एक डंप बरामद किया है। बरामद सामग्री को जब्त कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को ओरछा थाना क्षेत्र के कैंप पदमेटा से पदगुंडा–करसेनार की दिशा में संयुक्त सुरक्षा बलों ने सघन सर्च अभियान चलाया। अभियान के दौरान पदमेटा कैंप के उत्तर दिशा स्थित जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटकों का डंप बरामद हुआ।
सुरक्षा बलों को बरामद डंप से एक 12 बोर रायफल, 55 नग 12 बोर कारतूस, चार स्थानीय रूप से निर्मित 51 मिमी मोर्टार शेल, 25 लोहे के भाले, एक बैटरी, एक स्टील कंटेनर तथा भाकपा (माओवादी) का एक झंडा मिला। सभी सामग्री को नियमानुसार जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नारायणपुर जिले के कई क्षेत्रों में लगातार चलाए जा रहे सुरक्षा अभियानों और स्थानीय नागरिकों के सहयोग से नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इसके बावजूद सुरक्षा बल किसी भी प्रकार की नक्सली गतिविधि की पुनरावृत्ति रोकने के लिए लगातार सतर्क हैं और जंगलों में नियमित सर्च अभियान चला रहे हैं।
संयुक्त सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य नक्सलियों द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक और अन्य संसाधनों को बरामद करना है, ताकि भविष्य में उनका उपयोग किसी हिंसक वारदात में न किया जा सके। इसके साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों में आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी विशेष अभियान लगातार जारी हैं।
नारायणपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु, संदिग्ध गतिविधि या नक्सलियों से जुड़ी कोई सूचना मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या पुलिस कंट्रोल रूम को इसकी जानकारी दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जनता के सहयोग और लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी। पुलिस और सुरक्षा बल आगे भी ऐसे अभियान जारी रखेंगे, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और नागरिक सुरक्षित वातावरण में अपना जीवन व्यतीत कर सकें।