मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी-नाले उफान पर, जिला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

धमतरी जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं और कई गांवों का संपर्क टूट गया है। जिला प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अलर्ट जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।

Jul 29, 2026 - 15:38
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मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदी-नाले उफान पर, जिला प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l लगातार दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने धमतरी जिले में जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के साथ-साथ आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों में भारी वर्षा होने से नदी-नाले उफान पर हैं और कई ग्रामीण इलाकों का संपर्क ब्लॉक मुख्यालय एवं ग्राम पंचायतों से टूट गया है। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है।

जिले में लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी-नालों के किनारे विशेष निगरानी टीमों की तैनाती की है। लोगों से अपील की गई है कि वे उफनते नदी-नालों को पार करने का प्रयास न करें और बिना आवश्यक कारण घर से बाहर न निकलें। प्रशासन का कहना है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

नगरी विकासखंड सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल है। यहां रातभर हुई तेज बारिश के कारण अधिकांश नदी-नाले खतरे के निशान के करीब पहुंच गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर नगरी ब्लॉक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल तैनात किए जा रहे हैं।

सोनढूर डैम में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में डैम में लगभग 1500 क्यूसेक पानी पहुंच रहा है और जलस्तर में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है। सिंचाई व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नहरों में पानी छोड़ा जा चुका है। यदि जलस्तर इसी गति से बढ़ता रहा तो डैम के गेट भी खोले जा सकते हैं। प्रशासन ने डैम के आसपास और नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को पहले से सतर्क रहने की सलाह दी है।

वनांचल क्षेत्र रिसगांव में सोनढूर नदी, करही नदी, खल्लारी नदी, कर्रापड़ान नदी और आमाकड़ा नदी सहित कई जलधाराओं के ऊपर सात से आठ फीट तक पानी बह रहा है। तेज बहाव के कारण इन मार्गों से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। कई ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी गई है और स्थिति सामान्य होने तक नदी पार करने से मना किया गया है।

बोरई मार्ग पर सीतानदी और आठ दहारा क्षेत्र में भी बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है। मुख्य सड़क पर पानी भर जाने से वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। यातायात प्रभावित होने के कारण प्रशासन ने वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी है। लगातार बारिश के चलते हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।

जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। साथ ही पशुपालकों से भी अपने मवेशियों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर ले जाने की अपील की गई है ताकि किसी प्रकार की जनहानि या पशुहानि से बचा जा सके। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। उफनते नदी-नालों के पास न जाएं, बच्चों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रखें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल प्रशासन को दें। लगातार हो रही बारिश को देखते हुए आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की आवश्यकता बताई गई है। जिला प्रशासन का कहना है कि लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।