पूर्व एएनएम के आरोपों पर सीएमएचओ का जवाब, सेवा समाप्ति को बताया नियमानुसार कार्रवाई

पूर्व एएनएम ममता सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग और सीएमएचओ कार्यालय पर लगाए गए आरोपों के बाद मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि ममता सिंह की सेवा न्यायालय से दोषसिद्ध होने के बाद नियमों के अनुसार समाप्त की गई थी।

Jul 21, 2026 - 10:48
 0  7
पूर्व एएनएम के आरोपों पर सीएमएचओ का जवाब, सेवा समाप्ति को बताया नियमानुसार कार्रवाई

UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l पूर्व एएनएम ममता सिंह द्वारा स्वास्थ्य विभाग और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) कार्यालय पर लगाए गए आरोपों के बाद विभाग की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अविनाश खरे ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी आरोपों को निराधार बताया है और कहा है कि संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध की गई कार्रवाई पूरी तरह नियमों के अनुरूप की गई थी।

सीएमएचओ अविनाश खरे के अनुसार, ममता सिंह को वर्ष 2016 में न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (भाग-2) और धारा 314 के तहत दोषी ठहराया था। न्यायालय द्वारा उन्हें कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाए जाने के बाद तत्कालीन जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रचलित सेवा नियमों के तहत उनकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। विभाग का कहना है कि यह निर्णय न्यायालय के आदेश और लागू नियमों के आधार पर लिया गया था।

प्रेस विज्ञप्ति में यह भी बताया गया कि ममता सिंह द्वारा भविष्य निधि (जीपीएफ) और एरियर राशि के भुगतान की मांग की गई है। विभाग के अनुसार, यह मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी कारण स्वास्थ्य संचालनालय से इस संबंध में मार्गदर्शन मांगा गया है। संचालनालय से निर्देश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

रिश्वत मांगने के लगाए गए आरोपों पर भी सीएमएचओ ने स्पष्ट प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विभाग किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार को लेकर शून्य सहनशीलता की नीति अपनाता है। यदि किसी व्यक्ति के पास रिश्वत मांगने से संबंधित कोई ठोस साक्ष्य या प्रमाण हैं, तो उन्हें विभाग या संबंधित सक्षम प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रमाण मिलने पर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अविनाश खरे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार कार्य कर रहा है। उनके अनुसार, विभाग पर लगाए गए आरोप तथ्यात्मक रूप से सही नहीं हैं और इससे विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक निर्णय लागू नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं के अनुरूप ही लिए जाते हैं।

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यायालय में लंबित मामलों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा और विभाग उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई करेगा। अधिकारियों का कहना है कि कानून के दायरे में रहते हुए सभी संबंधित मामलों का समाधान किया जाएगा।

सीएमएचओ का यह बयान उस समय सामने आया है जब पूर्व एएनएम ममता सिंह ने स्वास्थ्य विभाग और सीएमएचओ कार्यालय पर विभिन्न आरोप लगाए थे। विभाग ने अब प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अपना आधिकारिक पक्ष सार्वजनिक किया है और आरोपों का क्रमवार जवाब दिया है।

फिलहाल जीपीएफ और एरियर भुगतान से जुड़ा मामला न्यायालय में विचाराधीन है। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य संचालनालय से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त होने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं रिश्वत के आरोपों के संबंध में भी विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी शिकायत पर कार्रवाई के लिए ठोस साक्ष्य आवश्यक होंगे।