लोरमी के प्रधान पाठक अशोक टोण्डे को मिला राष्ट्रीय स्तर का ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’

विश्व शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय ऑनलाइन सम्मान समारोह में लोरमी के शासकीय प्राथमिक शाला सेनगुड़ा के प्रधान पाठक अशोक टोण्डे को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्ट शिक्षण विधियों और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में योगदान के लिए ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। समारोह में विभिन्न राज्यों के 170 से अधिक चयनित शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

Oct 6, 2026 - 13:04
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लोरमी के प्रधान पाठक अशोक टोण्डे को मिला राष्ट्रीय स्तर का ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’

UNITED NEWS OF ASIA. राकेश भास्कर, लोरमी /मुंगेली l विश्व शिक्षक दिवस 05 अक्टूबर 2026 के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, उत्कृष्ट कार्य और शिक्षण के नए प्रयोग करने वाले शिक्षकों के सम्मान में राष्ट्रीय स्तर का ऑनलाइन सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 170 से अधिक शिक्षकों को उनके उल्लेखनीय शैक्षणिक योगदान के लिए ‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला सेनगुड़ा के प्रधान पाठक अशोक टोण्डे को भी उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

अशोक टोण्डे को शिक्षा के क्षेत्र में उनके अभिनव प्रयोगों, नवाचारी शिक्षण विधियों और विद्यार्थियों के बीच गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों के लिए इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चयनित किया गया। ग्रामीण अंचल में कार्य करते हुए उन्होंने विद्यार्थियों में शिक्षा के साथ-साथ ज्ञान, संस्कार और सीखने की रुचि विकसित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए। उनके कार्यों को शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय और प्रेरणादायी मानते हुए सम्मान के लिए चुना गया।

राष्ट्रीय ऑनलाइन समारोह में ‘शिक्षा ज्योति’ की संस्थापक अर्चना शर्मा एवं अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार छत्तीसगढ़ के जनरल सेक्रेटरी डॉ. राघवेंद्र सिंह राठौर द्वारा संयुक्त रूप से अशोक टोण्डे को ऑनलाइन मंच के माध्यम से सम्मान प्रदान किया गया। इस दौरान उन्हें प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किया गया। आयोजकों ने उनके शैक्षणिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में रहते हुए विद्यार्थियों की शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और उनमें ज्ञान एवं संस्कारों के संचार के लिए किए गए उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं।

प्रधान पाठक अशोक टोण्डे का यह सम्मान विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में सीमित संसाधनों के बीच शिक्षकों के नवाचार विद्यार्थियों के सीखने की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके प्रयासों से विद्यार्थियों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने और शिक्षा को अधिक प्रभावी एवं रुचिकर बनाने की दिशा में सकारात्मक वातावरण तैयार हुआ है।

‘शिक्षा ज्योति सम्मान’ मिलने की जानकारी सामने आने के बाद शासकीय प्राथमिक शाला सेनगुड़ा के विद्यालय परिवार में खुशी का माहौल है। संकुल स्तर के शिक्षकों, क्षेत्र के शिक्षाविदों, सहकर्मियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भी अशोक टोण्डे को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। लोगों ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिला यह सम्मान न केवल अशोक टोण्डे के व्यक्तिगत शैक्षणिक योगदान की पहचान है, बल्कि लोरमी और मुंगेली जिले के लिए भी गौरव का विषय है।

अशोक टोण्डे को मिले इस सम्मान से क्षेत्र के अन्य शिक्षकों को भी शिक्षा में नए प्रयोग करने और विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए समर्पित होकर कार्य करने की प्रेरणा मिलने की उम्मीद है। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को मिली राष्ट्रीय पहचान ने ग्रामीण अंचल में गुणवत्तापूर्ण और नवाचारी शिक्षा की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी सामने लाया है।