केंद्र सरकार ने रबी फसलों का MSP बढ़ाया, सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का जताया आभार

केंद्र सरकार ने वर्ष 2027-28 के लिए सभी छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सांसद संतोष पांडेय ने फैसले का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार जताया। गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और कुसुम के MSP में बढ़ोतरी की गई है। सरकार के अनुसार किसानों को रबी फसलों की खरीद के लिए करीब 90,962 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा।

Oct 6, 2026 - 13:58
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केंद्र सरकार ने रबी फसलों का MSP बढ़ाया, सांसद संतोष पांडेय ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार का जताया आभार

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा। केंद्र सरकार ने वर्ष 2027-28 के लिए सभी छह प्रमुख रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराना और उत्पादन लागत की तुलना में पर्याप्त मार्जिन सुनिश्चित करना बताया गया है। क्षेत्रीय सांसद संतोष पांडेय ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया है।

सांसद संतोष पांडेय के अनुसार गेहूं के MSP में 25 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। वर्ष 2027-28 के लिए गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जबकि इसकी उत्पादन लागत करीब 1,264 रुपये प्रति क्विंटल बताई गई है। इस तरह गेहूं का निर्धारित MSP उत्पादन लागत के दोगुने से अधिक है। गेहूं देश की प्रमुख रबी फसलों में शामिल है और इसकी बुवाई आमतौर पर अक्टूबर से शुरू होकर अप्रैल के आसपास कटाई तक पहुंचती है। ऐसे में MSP में बढ़ोतरी किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

केंद्र सरकार ने गेहूं के अलावा अन्य पांच रबी फसलों के MSP में भी वृद्धि की है। जौ का MSP 2,150 रुपये से बढ़ाकर 2,286 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। चने का MSP 5,875 रुपये से बढ़कर 5,958 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। मसूर का MSP 7,000 रुपये से बढ़ाकर 7,390 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। इसी तरह सरसों का MSP 6,200 रुपये से बढ़ाकर 6,613 रुपये और कुसुम का MSP 6,540 रुपये से बढ़ाकर 7,215 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

सांसद संतोष पांडेय ने बताया कि किसानों को खेती के लिए उर्वरक उचित कीमत पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से P&K उर्वरकों पर 41,533 करोड़ रुपये की सब्सिडी को भी मंजूरी दी गई है। उन्होंने कहा कि MSP में बढ़ोतरी और उर्वरक सब्सिडी जैसे फैसलों से किसानों को उत्पादन लागत के मुकाबले बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

सरकार के अनुमान के मुताबिक 2027-28 के मार्केटिंग सीजन में करीब 324 लाख टन रबी फसलों की खरीद के लिए किसानों को कुल 90,962 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। MSP निर्धारित करने में कृषि लागत एवं मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों को आधार बनाया गया है। इसमें उत्पादन लागत के साथ घरेलू और वैश्विक बाजार में कीमतों के रुझान तथा मौसम से जुड़े जोखिमों को भी ध्यान में रखा जाता है।

इसके अलावा कृषि मंत्रालय ने 2026-27 फसल वर्ष के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 12.1 करोड़ टन निर्धारित किया है। गेहूं के MSP में बढ़ोतरी से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकार का फोकस उत्पादन बढ़ाने के साथ किसानों को उनकी लागत के मुकाबले उचित रिटर्न उपलब्ध कराने पर भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़े MSP निर्णय के साथ अन्य महत्वपूर्ण फैसलों पर भी चर्चा और मंजूरी दी गई। इनमें रिन्यूएबल एनर्जी को ग्रिड से जोड़ने और ट्रांसमिशन व्यवस्था को सुगम बनाने से जुड़ा पीएम धारा स्मार्ट ग्रिड इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यक्रम भी शामिल बताया गया है। वहीं रबी फसलों के नए MSP को किसानों की आय और वित्तीय सुरक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय के तौर पर देखा जा रहा है। सांसद संतोष पांडेय ने इन फैसलों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया।