कोरिया में साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगी कानूनी मदद, DLSA में बनेगा विशेष सहायता प्रकोष्ठ
कोरिया जिले के बैकुंठपुर में साइबर ठगी के पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और ठगी गई राशि की वसूली की प्रक्रिया में मदद के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में विशेष प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा। छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रस्तावित योजना के तहत पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर बैंक, साइबर पुलिस और न्यायालय में आवश्यक कानूनी कार्यवाही तक सहायता मिलेगी। इसी उद्देश्य से पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) को साइबर अपराध और डिजिटल अरेस्ट से बचाव का प्रशिक्षण भी दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. जमील अंसारी, कोरिया l साइबर ठगी के पीड़ितों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और ठगी गई राशि की वसूली की प्रक्रिया में मदद करने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), बैकुंठपुर में विशेष कानूनी सहायता प्रकोष्ठ गठित किया जाएगा। माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा साइबर अपराध पीड़ित व्यक्ति को विधिक सहायता एवं ठगी गई राशि की वसूली योजना 2026 तैयार की गई है। इस योजना के तहत पीड़ितों को शिकायत दर्ज कराने से लेकर बैंक, साइबर पुलिस और न्यायालय स्तर पर आवश्यक कानूनी कार्यवाही में सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
योजना के अंतर्गत साइबर अपराधों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक करने, डिजिटल अरेस्ट जैसी धोखाधड़ी से बचाव की जानकारी देने और साइबर सुरक्षा के प्रति सजग बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष योगेश पारीक के मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम आयोजित हुआ। प्राधिकरण की सचिव अमृता दिनेश मिश्रा के नेतृत्व में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय के सभागार में साइबर सेल के सहयोग से पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) को प्रशिक्षण दिया गया।
पीएलवी को डिजिटल अरेस्ट और साइबर सुरक्षा की जानकारी
प्रशिक्षण सत्र में साइबर सेल बैकुंठपुर के विशेषज्ञ शिवम सिंह ने सक्रिय पैरालीगल वॉलंटियर्स को साइबर अपराधों की पहचान, डिजिटल अरेस्ट से बचाव और साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। प्रशिक्षण का उद्देश्य स्वयंसेवकों को इस योग्य बनाना है कि वे आम नागरिकों तक सही जानकारी पहुंचा सकें और साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों को उचित सहायता प्राप्त करने का रास्ता बता सकें।
प्रशिक्षित पैरालीगल वॉलंटियर्स समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाएंगे। वे साइबर ठगी के शिकार लोगों की पहचान कर उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से जोड़ने में मदद करेंगे, ताकि पीड़ितों को आवश्यक कानूनी सहायता मिल सके। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा, जिन्हें कानूनी प्रक्रिया की जानकारी नहीं है या जो ठगी के बाद सहायता प्राप्त करने में कठिनाई महसूस करते हैं।
DLSA में गठित होगा विशेष साइबर कानूनी सहायता प्रकोष्ठ
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तावित प्रकोष्ठ में सचिव, पैनल अधिवक्ता, पैरालीगल वॉलंटियर्स, साइबर पुलिस अधिकारी, बैंक के नोडल अधिकारी और अभिलेख संबंधी कर्मचारी शामिल होंगे। यह टीम पीड़ितों को त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध कराने, पुलिस और बैंक के बीच समन्वय स्थापित करने तथा मामलों की लगातार निगरानी करने का काम करेगी।
यदि साइबर ठगी की राशि किसी अन्य बैंक खाते में स्थानांतरित हो चुकी है, तो प्रकोष्ठ संबंधित खातों की पहचान कराने और लागू कानूनी प्रावधानों के तहत राशि की वसूली की प्रक्रिया में पीड़ित की सहायता करेगा। हालांकि, राशि की वापसी संबंधित मामले की परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
साइबर अपराधों के खिलाफ जागरूकता पर जोर
इस पहल का उद्देश्य साइबर ठगी के पीड़ितों को समय पर कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और उन्हें संबंधित संस्थाओं तक पहुंचने में मदद करना है। प्रशिक्षण और प्रस्तावित प्रकोष्ठ के माध्यम से बैंक, साइबर पुलिस तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के बीच समन्वय मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों से सतर्क रहने तथा ठगी का शिकार होने पर उचित माध्यम से सहायता लेने के लिए जागरूक किया जाएगा।