सौसर सिविल अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप, निजी अस्पताल में नवजात की मौत; युवा कांग्रेस ने दिया धरना

मध्य प्रदेश के सौसर सिविल अस्पताल में प्रसव के लिए पहुंची सरासावली निवासी रेणुका अमोल घोडमारे के इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिलने के कारण उन्हें महिला को निजी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां गर्भ में ही नवजात की मौत होने की जानकारी मिली। ऑपरेशन के बाद महिला की जान बचाई गई। घटना के विरोध में युवा कांग्रेस ने अस्पताल के बाहर धरना देकर निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग की। हालांकि, कथित लापरवाही और नवजात की मौत के बीच संबंध जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Oct 9, 2026 - 11:02
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सौसर सिविल अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप, निजी अस्पताल में नवजात की मौत; युवा कांग्रेस ने दिया धरना

UNITED NEWS OF ASIA. रिंटू खान, पांढुर्णा/सौसर l मध्य प्रदेश के पांढुर्णा जिले के सौसर में सिविल अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। प्रसव पीड़ा के बाद अस्पताल पहुंची सरासावली निवासी रेणुका अमोल घोडमारे के इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में समय पर आवश्यक उपचार नहीं मिलने के कारण महिला की स्थिति बिगड़ गई और उन्हें बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल का रुख करना पड़ा। वहां जांच के दौरान गर्भ में ही नवजात की मौत होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद ऑपरेशन कर महिला की जान बचाई गई।

समय पर उपचार नहीं मिलने का आरोप
परिजनों के अनुसार, रेणुका घोडमारे को प्रसव पीड़ा होने पर सौसर सिविल अस्पताल लाया गया था। उनका आरोप है कि अस्पताल में समय पर आवश्यक उपचार और चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी। स्थिति को देखते हुए परिवार को महिला को निजी अस्पताल ले जाने का निर्णय लेना पड़ा। निजी अस्पताल में जांच के दौरान नवजात की गर्भ में ही मौत होने की जानकारी मिलने से परिवार को गहरा सदमा पहुंचा। ऑपरेशन के बाद महिला की जान बचाए जाने की बात सामने आई है।

हालांकि, अस्पताल में इलाज के दौरान क्या परिस्थितियां बनीं, उपचार में किसी स्तर पर देरी हुई या नहीं और नवजात की मौत के वास्तविक कारण क्या रहे, इन सवालों का स्पष्ट जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। फिलहाल मामले में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

युवा कांग्रेस ने अस्पताल के बाहर किया प्रदर्शन
घटना के बाद युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने सौसर सिविल अस्पताल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि सरकारी अस्पतालों में प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को समय पर आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए, ताकि गंभीर परिस्थितियों में मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।

युवा कांग्रेस ने मांग की कि इलाज के दौरान संबंधित चिकित्सकों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जाए। यदि जांच में किसी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। संगठन ने मामले में जल्द जांच और कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने तथा चक्का जाम करने की चेतावनी भी दी।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवालइस मामले ने सौसर सिविल अस्पताल में प्रसव और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता को लेकर चर्चा तेज कर दी है। परिजनों और युवा कांग्रेस ने स्वास्थ्य सेवाओं की जवाबदेही तय करने की मांग की है। वहीं, मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए अस्पताल प्रबंधन का पक्ष और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।

मामले से जुड़े बयानों में रेणुका घोडमारे, अमोल घोडमारे, युवा कांग्रेस अध्यक्ष प्रशांत धुर्वे और सौसर के बीएमओ रूपेश बोकडे का पक्ष शामिल है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग मामले की जांच कर क्या निष्कर्ष सामने लाता है और किसी तरह की लापरवाही प्रमाणित होने पर क्या कार्रवाई की जाती है।