कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महापौर संजू देवी राजपूत ने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश में महिलाओं के हित में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम और इससे जुड़े कार्यक्रम महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रयास विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भूमिका को सुदृढ़ करने वाला है।
महापौर ने आगे कहा कि भारत सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार पूरे देश और प्रदेश में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में कोरबा में भी जिला महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ सीधे तौर पर महिलाओं तक पहुंच रहा है।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं की एक विशाल मानव श्रृंखला बनाई गई, जो एकता और सशक्तिकरण का प्रतीक रही। इसके साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया, जिसमें उपस्थित महिलाओं ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं—जैसे डॉक्टर, इंजीनियर, अधिवक्ता और गृहणियों—ने अपने विचार साझा किए। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना और उज्ज्वला योजना जैसी सरकारी योजनाओं की महिला हितग्राहियों ने इन योजनाओं से मिले लाभों को विस्तार से बताया। महिलाओं ने कहा कि इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें न केवल आर्थिक सहायता मिली है बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी प्राप्त हुआ है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के प्रयासों का भी उल्लेख किया गया और राज्य स्तर पर महिलाओं के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना की गई।
इस अवसर पर वीना शर्मा, रूखमणी नायर, प्रीति स्वर्णकार, संतोषी दीवान, ज्योति पाण्डेय, वैशाली रत्नपारखी, सारिका यादव, पुष्पा नवरंग, रजनी मौर्य, नागज्योति राठौर, शिल्पा दाडेकर, बबीता उपाध्याय, वंदना गुप्ता, कल्पना पाण्डेय, सुमन तिवारी, मीनू त्रिवेदी, विजयलक्ष्मी तिवारी, ऋषि सचदेवा और सुधा दुबे सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
समग्र रूप से यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल साबित हुआ, जिसमें सहभागिता, जागरूकता और आत्मविश्वास का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला।