कोनगुड़ में विकसित हो रहा आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

कोंडागांव जिले के सुदूर ग्राम कोनगुड़ में नीति आयोग के सहयोग से आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र विकसित किया जा रहा है। केंद्र के जरिए प्रतिवर्ष 1,000 से 1,500 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सांसद भोजराज नाग और विधायक नीलकंठ टेकाम ने केंद्र का अवलोकन कर प्रशिक्षण एवं रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली।

Aug 21, 2026 - 19:23
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कोनगुड़ में विकसित हो रहा आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र, युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर

UNITED NEWS OF ASIA. रामकुमार भारद्वाज, कोंडागांव l कोंडागांव जिले के विकासखंड फरसगांव के सुदूर ग्राम कोनगुड़ में नीति आयोग के सहयोग से आकांक्षा ग्रामीण कौशल एवं नवाचार केंद्र विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र का उद्देश्य दूरस्थ एवं वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के युवाओं को उद्योग आधारित कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ने का स्थायी मॉडल तैयार करना है। केंद्र के माध्यम से प्रतिवर्ष 1,000 से 1,500 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने और 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

गुरुवार को कांकेर सांसद भोजराज नाग और विधायक नीलकंठ टेकाम ने केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने प्रारंभिक प्रशिक्षण चरण में चल रही गतिविधियों, केंद्र की व्यवस्थाओं और रोजगार सृजन की संभावनाओं की जानकारी ली। इस दौरान केंद्र भ्रमण के लिए पहुंचे पुनर्वासित व्यक्तियों से भी उन्होंने चर्चा की और उन्हें रोजगार से जुड़कर समाज की मुख्यधारा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

सांसद भोजराज नाग ने कहा कि यह गर्व की बात है कि जिस क्षेत्र को कभी माओवाद प्रभावित क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, वहां अब पुनर्वासित लोगों के साथ मिलकर विकास की नई शुरुआत हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संकल्प से क्षेत्र में बदलाव आया है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भर बनकर देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

विधायक नीलकंठ टेकाम ने कहा कि माओवाद समाप्ति के बाद वापस लौटे लोगों ने हिंसा के रास्ते से दूर रहने और आने वाली पीढ़ी को भी इससे दूर रखने का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि जिस कोनगुड़ में कभी हिंसा के कारण पहुंचना मुश्किल था, आज वहां कौशल और रोजगार का केंद्र स्थापित होना सकारात्मक बदलाव का प्रतीक है।

कलेक्टर नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि नीति आयोग के सहयोग से केंद्र की स्थापना की जा रही है। प्रारंभिक चरण में 100 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिनमें 85 महिलाएं और 4 आत्मसमर्पित व्यक्ति शामिल हैं। इसका उद्देश्य जिले के आत्मसमर्पित लोगों और उनके परिवारों को रोजगार के माध्यम से मुख्यधारा से जोड़ना है।

पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत पुनर्वासित व्यक्तियों को कोनगुड़ का भ्रमण कराया गया, ताकि वे यहां संचालित गतिविधियों से प्रेरित होकर रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ सकें। केशकाल, धनोरा, इरागांव और उरंदाबेड़ा थाना क्षेत्रों के लगभग 154 आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों ने शिविर का लाभ लिया। इनमें 45 से अधिक लोगों ने प्रशिक्षण लेने के लिए सहमति दी है।

केंद्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही युवतियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कोनगुड़ निवासी पार्वती मरापी ने बताया कि वह केंद्र के स्टोर रूम में कार्य कर रही हैं और यहां काम करना उन्हें अच्छा लगता है। कल्पना पटेल ने बताया कि वह पहले खेती-किसानी करती थीं, लेकिन केंद्र में प्रशिक्षण और काम का अवसर मिलने के बाद उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है।

आत्मसमर्पित व्यक्ति रजनू कोर्राम ने बताया कि उन्होंने 13 वर्ष जंगल में जीवन बिताया। आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास केंद्र में तीन माह का प्रशिक्षण लिया और अब कोंडागांव से कोनगुड़ आकर प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनके अनुसार यह पहल जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर दे रही है।

केंद्र का संचालन सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी पीपीपी आधारित सतत रोजगार मॉडल के रूप में किया जा रहा है। युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल से जोड़ने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना और एनएपीएस के तहत पंजीयन प्रक्रिया जारी है। परियोजना के तहत पात्र अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम 100 प्रतिशत प्लेसमेंट और गारमेंट उत्पादन इकाई के माध्यम से 300 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है।

इस अवसर पर जनपद पंचायत फरसगांव अध्यक्ष मानकू राम कोर्राम, जिला पंचायत सीईओ अविनाश भोई, अपर कलेक्टर चित्रकांत चाली ठाकुर, एसडीएम अश्वन कुमार पुसाम, एसडीओपी अभिनव उपाध्याय, जनपद पंचायत सीईओ रूपेन्द्र कुमार नेताम सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।