केशला–तोलगे सड़क निर्माण की मांग पर 15 ग्राम पंचायतों का महाचक्का जाम, पीडब्ल्यूडी ने दिया लिखित आश्वासन

रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में 20 वर्षों से जर्जर केशला–तोलगे सड़क के निर्माण की मांग को लेकर 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने महाचक्का जाम किया। आंदोलन के बाद लोक निर्माण विभाग ने 19.91 करोड़ रुपये की विशेष मरम्मत और दीर्घकालीन सड़क निर्माण की प्रक्रिया को लेकर लिखित आश्वासन सौंपा।

Aug 2, 2026 - 11:13
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केशला–तोलगे सड़क निर्माण की मांग पर 15 ग्राम पंचायतों का महाचक्का जाम, पीडब्ल्यूडी ने दिया लिखित आश्वासन

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले के लैलूंगा क्षेत्र में करीब 20 वर्षों से जर्जर पड़ी केशला–तोलगे सड़क के निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को 15 ग्राम पंचायतों के ग्रामीणों ने ऐतिहासिक महाचक्का जाम आंदोलन किया। केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में हजारों की संख्या में ग्रामीण, किसान, महिलाएं, युवा, व्यापारी, मजदूर, विद्यार्थी और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए। आंदोलन का आयोजन घरघोड़ा–लैलूंगा मुख्य मार्ग स्थित केशला मोड़ (हाई स्कूल के पास, कुंजारा) में किया गया।

आंदोलनकारियों का कहना था कि वर्षों से सड़क की बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान सड़क पूरी तरह कीचड़ और गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे आवागमन जोखिमपूर्ण हो जाता है। विद्यार्थियों को स्कूल और कॉलेज पहुंचने, किसानों को कृषि उपज बाजार तक ले जाने तथा मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि कई वर्षों से ज्ञापन और आवेदन के माध्यम से सड़क निर्माण की मांग की जाती रही, लेकिन समाधान नहीं निकलने के कारण उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना पड़ा।

महाचक्का जाम की विशेषता यह रही कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहा। विभिन्न गांवों से पहुंची कीर्तन मंडलियों, भजन मंडलियों और लोक कलाकारों ने गीत-भजनों के माध्यम से सड़क निर्माण की मांग को स्वर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी पीड़ा और विकास की उम्मीद शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया। आंदोलन में महिलाओं और युवाओं की बड़ी भागीदारी भी देखने को मिली। महिलाओं ने कहा कि खराब सड़क का सबसे अधिक असर बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ता है, जबकि किसानों और व्यापारियों ने इसे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा बताया।

आंदोलन के दौरान लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों ने संघर्ष समिति को लिखित आश्वासन सौंपा। विभाग के अनुसार उरबा–तोलगे मार्ग की लगभग 14.60 किलोमीटर सड़क की विशेष मरम्मत के लिए 19 करोड़ 91 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। वर्तमान में निविदा प्रक्रिया जारी है और 15 अक्टूबर 2026 से विशेष मरम्मत कार्य शुरू करने की योजना है। इसके अलावा बरसात के दौरान आवागमन सुचारु बनाए रखने के लिए 15 अगस्त तक आवश्यक पैच मरम्मत कराने का भी आश्वासन दिया गया है।

पीडब्ल्यूडी ने यह भी जानकारी दी कि उरबा–तमनार मार्ग (23.20 किलोमीटर) के स्थायी निर्माण के लिए लगभग 74 करोड़ 47 लाख रुपये का प्रस्ताव वर्ष 2026-27 के बजट में शामिल किया गया है। भूमि अधिग्रहण और वन भूमि डायवर्जन जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद वर्ष 2027 में स्थायी सड़क निर्माण शुरू करने की योजना है।

केशला–तोलगे सड़क संघर्ष समिति ने आंदोलन के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समिति ने जनसंपर्क अभियान, हस्ताक्षर अभियान, मशाल यात्रा और विभिन्न बैठकों के माध्यम से ग्रामीणों को एकजुट किया। आंदोलन के अंत में ग्रामीणों ने कहा कि यदि तय समयसीमा में सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो भविष्य में आंदोलन को और व्यापक स्वरूप दिया जाएगा।