मदनपुर स्कूल मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

कोरबा के शासकीय पूर्व प्राथमिक विद्यालय मदनपुर में विद्यार्थियों से कथित रूप से कार्य कराए जाने और मीडिया टीम के साथ अभद्र व्यवहार के आरोपों के मामले में जिला शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। विभाग ने स्पष्टीकरण मांगते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।

Aug 2, 2026 - 11:09
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मदनपुर स्कूल मामले में शिक्षा विभाग की कार्रवाई, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया कारण बताओ नोटिस

UNITED NEWS OF ASIA. प्रदीप राव, कोरबा l कोरबा जिले के शासकीय पूर्व प्राथमिक विद्यालय, मदनपुर से जुड़े मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय में विद्यार्थियों से कथित रूप से कार्य कराए जाने तथा मीडिया टीम के साथ कथित अभद्र व्यवहार की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए स्पष्टीकरण मांगा है। विभागीय स्तर पर मामले की जांच भी शुरू कर दी गई है।

मामला उस समय सामने आया जब मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि विद्यालय की छुट्टी के बाद कुछ नाबालिग विद्यार्थियों से वाहन में कॉपी-किताब और अन्य सामग्री उठवाने का कार्य कराया जा रहा था। रिपोर्ट के अनुसार, सूचना मिलने पर मीडिया टीम विद्यालय पहुंची, जहां संकुल प्रभारी गोविंद सिंह प्रजापति तथा एक अन्य शिक्षक की मौजूदगी में कथित रूप से यह गतिविधि देखी गई। मीडिया टीम ने मौके का वीडियो भी रिकॉर्ड करने का दावा किया।

रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि जब मीडिया प्रतिनिधियों ने संबंधित शिक्षकों से घटना के संबंध में उनका पक्ष जानने और कैमरे पर प्रतिक्रिया लेने का प्रयास किया, तो संतोषजनक जवाब देने के बजाय उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। साथ ही कवरेज में बाधा डालने और डराने-धमकाने का भी आरोप लगाया गया। इन आरोपों की पुष्टि विभागीय जांच के बाद ही हो सकेगी।

समाचार सामने आने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस के माध्यम से शिक्षकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि प्राप्त जवाब और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला विद्यालयों में विद्यार्थियों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और शिक्षकों की जिम्मेदारियों से जुड़ा होने के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही मीडिया के साथ व्यवहार और सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता जैसे मुद्दे भी इस प्रकरण के केंद्र में हैं। शिक्षा विभाग का यह कदम संकेत देता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

फिलहाल विभागीय जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होंगे। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित नियमों के तहत आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि जांच में आरोप प्रमाणित नहीं होते हैं तो संबंधित पक्ष को भी इसका लाभ मिलेगा।

अस्वीकरण: यह समाचार उपलब्ध दस्तावेजों, संबंधित शिकायतों तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी कारण बताओ सूचना पत्र के आधार पर तैयार किया गया है। मामले की विभागीय जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होंगे। संबंधित पक्ष का विस्तृत स्पष्टीकरण प्राप्त होने पर उसे भी समान महत्व के साथ प्रकाशित किया जाएगा।