कबीरधाम में साइबर जागृति अभियान का पांचवां सप्ताह, युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाव की दी जानकारी

कबीरधाम पुलिस के सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान के पांचवें सप्ताह में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। रोजगार कार्यालय, कौशल विकास केंद्रों, ग्रामीण क्षेत्रों और गणेश पंडालों में पुलिस टीमों ने ऑनलाइन नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र, संदिग्ध लिंक और निजी जानकारी साझा करने से जुड़े जोखिमों की जानकारी दी। साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर शिकायत करने की अपील की गई है। अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।

Sep 15, 2026 - 18:38
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कबीरधाम में साइबर जागृति अभियान का पांचवां सप्ताह, युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से बचाव की दी जानकारी

UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कबीरधाम l पुलिस द्वारा संचालित सात सप्ताह के साइबर जागृति अभियान के पांचवें सप्ताह में युवाओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग जैसे साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को डिजिटल माध्यमों के सुरक्षित इस्तेमाल और साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। अभियान के पांचवें सप्ताह में विशेष रूप से रोजगार की तलाश कर रहे युवक-युवतियों को ऑनलाइन नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी के तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जा रही है।

 

पुलिस अधीक्षक कबीरधाम जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिस टीमों द्वारा जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पुलिस की टीमें स्कूल-कॉलेज, बाजार-हाट, सार्वजनिक स्थलों, महिला समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर लोगों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क कर रही हैं। इससे पहले अभियान के अलग-अलग सप्ताह में विद्यार्थियों, महिलाओं और अन्य वर्गों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के बारे में जानकारी दी जा चुकी है।

 

पांचवें सप्ताह के दौरान रोजगार कार्यालयों और कौशल विकास केंद्रों में अध्ययनरत तथा नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को ऑनलाइन जॉब फ्रॉड के बारे में बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार साइबर ठग आकर्षक नौकरी, घर बैठे रोजगार या आसान कमाई का झांसा देकर पंजीयन शुल्क, सिक्योरिटी डिपॉजिट, दस्तावेज सत्यापन शुल्क या अन्य किसी बहाने से पैसे की मांग कर सकते हैं। फर्जी नियुक्ति पत्र और नकली वेबसाइट के जरिए भी लोगों को भ्रमित करने की कोशिश की जा सकती है। इसलिए किसी भी नौकरी के प्रस्ताव की विश्वसनीयता की पुष्टि किए बिना पैसे या निजी जानकारी साझा नहीं करने की सलाह दी जा रही है।

अभियान के तहत युवाओं को फिशिंग के खतरों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट और मोबाइल पर आने वाले संदिग्ध संदेशों के जरिए साइबर अपराधी लोगों की निजी या बैंकिंग जानकारी हासिल करने का प्रयास कर सकते हैं। पुलिस ने नागरिकों से कहा है कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी दर्ज करने और अज्ञात संदेशों का जवाब देने से बचें। OTP, पासवर्ड, बैंकिंग विवरण और अन्य संवेदनशील जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की भी समझाइश दी जा रही है।

 

गणेशोत्सव के दौरान भी कबीरधाम पुलिस साइबर सुरक्षा का संदेश लोगों तक पहुंचा रही है। जिले के विभिन्न गणेश पंडालों में पहुंचकर युवाओं और श्रद्धालुओं को जॉब फ्रॉड और फिशिंग से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी जा रही है। पुलिस का प्रयास है कि धार्मिक और सामाजिक आयोजनों के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक डिजिटल सुरक्षा का संदेश पहुंचे और नागरिक साइबर ठगी के नए तरीकों के प्रति सतर्क रहें।

कबीरधाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन नौकरी के आकर्षक प्रस्ताव, घर बैठे कमाई, फर्जी नियुक्ति और संदिग्ध लिंक से सावधान रहें। किसी प्रस्ताव की पुष्टि के लिए संबंधित संस्था की आधिकारिक जानकारी जांचना जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और नजदीकी पुलिस थाना या साइबर थाना को सूचना देने की अपील की गई है। अभियान के अगले चरणों में डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल सहित अन्य विषयों पर भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।