ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के लिए मुख्य सचिव के निर्देश, कलेक्टरों को दिए अहम जिम्मेदारियां
छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी जिलों के कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश दिए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित बैठक में प्राचीन अभिलेखों के संग्रह, संरक्षण और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव विकासशील ने ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान के प्रभावी और सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों की महत्वपूर्ण बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ली। इस दौरान उन्होंने अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मुख्य सचिव ने कहा कि यह अभियान भारत की समृद्ध और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को निर्देशित किया कि अपने-अपने जिलों में इस अभियान के सुचारु संचालन हेतु जिला स्तर पर नोडल अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जहां कहीं भी प्राचीन अभिलेख, पाण्डुलिपियां या ऐतिहासिक दस्तावेज उपलब्ध हैं, उनका व्यवस्थित रूप से संग्रह और संरक्षण किया जाए।
उन्होंने विशेष रूप से प्राचीन मंदिरों, मठों, ऐतिहासिक और पौराणिक स्थलों तथा संग्रहालयों में संरक्षित अभिलेखों के संकलन पर जोर दिया। इसके अलावा, ऐसे अभिलेख जो किसी निजी व्यक्ति के पास सुरक्षित हैं, उन्हें भी इस अभियान के तहत शामिल करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने नागरिकों से अपील की कि यदि उनके पास कोई प्राचीन पाण्डुलिपि या अभिलेख उपलब्ध है, तो वे इस अभियान में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें और देश की सांस्कृतिक धरोहर को सुरक्षित रखने में योगदान दें।
बैठक में यह भी बताया गया कि इस अभियान के तहत जिले की ग्राम पंचायतों में व्यापक स्तर पर सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। पंचायत सचिवों को “GYAN BHARTAM MOBILE APP” के माध्यम से पंजीयन कर प्राचीन एवं महत्वपूर्ण पाण्डुलिपियों की पहचान, संकलन और दस्तावेजीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं। यह मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर निःशुल्क उपलब्ध है, जिसके जरिए पाण्डुलिपियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत क्षेत्रों में भी यह सर्वेक्षण कार्य संबंधित निकाय प्रमुखों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। इसके अलावा जिले के महाविद्यालयों में इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापकों के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राएं भी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। वे सर्वेक्षण कार्य के साथ-साथ मोबाइल एप के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया को भी पूरा करेंगे।
इसी प्रकार जिले के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों में कार्यरत इतिहास व्याख्याताओं को भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए निर्देशित किया गया है। शिक्षा संस्थानों के सहयोग से इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ सफल बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्य सचिव ने सभी संबंधित अधिकारियों से समन्वित प्रयास करने का आह्वान करते हुए कहा कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर सर्वेक्षण कार्य को पूर्ण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने इस अभियान को एक जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि देश की प्राचीन ज्ञान परंपरा और ऐतिहासिक धरोहर को संरक्षित किया जा सके।
अंत में उन्होंने कहा कि ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान न केवल हमारी विरासत को सुरक्षित रखने का माध्यम है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ज्ञान का एक अमूल्य भंडार भी तैयार करेगा।