गुढ़ियारी में भक्ति और संस्कृति का भव्य संगम, बसंत अग्रवाल के संयोजन में संपन्न हुआ विशाल दही हांडी उत्सव

रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में बसंत अग्रवाल के संयोजन में विशाल दही हांडी उत्सव का भव्य आयोजन हुआ। सात पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ी गई। विजेता टीम को 10 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया, जबकि मटकी में 50 हजार रुपये रखे गए थे। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बी प्राक, लखबीर सिंह लक्खा और गरिमा स्वर्णा दिवाकर की प्रस्तुतियों ने आयोजन में भक्ति और संगीत का रंग भर दिया।

Sep 6, 2026 - 14:04
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गुढ़ियारी में भक्ति और संस्कृति का भव्य संगम, बसंत अग्रवाल के संयोजन में संपन्न हुआ विशाल दही हांडी उत्सव

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित अवधपुरी मैदान में भक्ति, आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का भव्य संगम देखने को मिला। बसंत अग्रवाल के संयोजन में आयोजित विशाल दही हांडी उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु और शहरवासी शामिल हुए। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना और आरती के साथ शुरू हुए इस आयोजन में देर रात तक भक्तिमय और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा।

आयोजन की सबसे बड़ी खासियत दही हांडी प्रतियोगिता रही। पुरुष वर्ग में दही हांडी फोड़ने के लिए सात पिरामिड बनाए गए। प्रतियोगिता में 35 से अधिक टीमों ने हिस्सा लिया। कई टीमों ने मटकी तक पहुंचने के लिए जोरदार प्रयास किया, लेकिन अंततः सात पिरामिड बनाकर दही हांडी फोड़ने वाली टीम विजेता बनी। मटकी में 50 हजार रुपये की नगद राशि रखी गई थी, जबकि विजेता टीम को 10 लाख रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और संत-महात्मा मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की और आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम सनातन संस्कृति, सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करते हैं।

महिला दही हांडी प्रतियोगिता भी आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। विजेता महिला टीम को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने 2.5 लाख रुपये की नगद पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की बढ़ती भागीदारी समाज में सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।

महाराष्ट्र से पहुंची टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सात पिरामिड तक पहुंचने में सफलता हासिल की। हालांकि टीम दही हांडी फोड़ने में सफल नहीं हो सकी। आयोजन समिति की ओर से बसंत अग्रवाल ने महाराष्ट्र की टीम को 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। पिछले वर्ष की विजेता सोनजरी टीम ने भी छह पिरामिड बनाकर प्रयास किया।

कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक बी प्राक, अंतरराष्ट्रीय भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा और छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका गरिमा स्वर्णा दिवाकर ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। बी प्राक की प्रस्तुति पर युवा और दर्शक झूम उठे, जबकि लखबीर सिंह लक्खा के भजनों से पूरा मैदान भक्तिमय हो गया।

आयोजन के दौरान महंत राजीव लोचन महाराज ने सनातन संस्कृति के साथ गौसेवा का संदेश दिया और एक परिवार-एक गाय के संकल्प के लिए लोगों को प्रेरित किया। वहीं प्रजापिता ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने उपस्थित लोगों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया।

बसंत अग्रवाल ने कहा कि दही हांडी केवल मटकी फोड़ने का आयोजन नहीं, बल्कि भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, प्रेम, एकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धालुओं, अतिथियों, कलाकारों, प्रतिभागी टीमों, पुलिस-प्रशासन और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया।