गरियाबंद में 9 नक्सलियों का हथियारों सहित आत्मसमर्पण, धमतरी–गरियाबंद में हथियार डम्प बरामद, रायपुर रेंज पुलिस को बड़ी सफलता

रायपुर रेंज पुलिस द्वारा संचालित नक्सल विरोधी अभियान के तहत गरियाबंद जिले में 9 माओवादियों के हथियारों सहित आत्मसमर्पण के बाद धमतरी व गरियाबंद के जंगलों से भारी मात्रा में हथियार डम्प बरामद किए गए। यह कार्यवाही नक्सल उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है।

Jan 21, 2026 - 10:39
 0  85
गरियाबंद में 9 नक्सलियों का हथियारों सहित आत्मसमर्पण, धमतरी–गरियाबंद में हथियार डम्प बरामद, रायपुर रेंज पुलिस को बड़ी सफलता

UNITED NEWS OF ASIA. हसिब अख्तर, रायपुर | रेंज पुलिस द्वारा चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान को एक बार फिर बड़ी सफलता मिली है। गरियाबंद जिले में 9 माओवादियों के हथियारों सहित आत्मसमर्पण के बाद धमतरी एवं गरियाबंद जिलों में अलग-अलग स्थानों से नक्सलियों द्वारा छुपाकर रखे गए हथियार डम्प बरामद किए गए हैं। यह कार्यवाही क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।

दिनांक 19 जनवरी 2026 को जिला गरियाबंद में 9 नक्सलियों ने शासन की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर हथियारों सहित आत्मसमर्पण किया। यह आत्मसमर्पण नीति की सकारात्मक सफलता को दर्शाता है। आत्मसमर्पित माओवादियों से प्राप्त सूचना एवं निशानदेही के आधार पर 20 जनवरी 2026 को जिला पुलिस बल एवं विशेष अभियान टीम E-30 को तत्काल रवाना किया गया।

E-30 एवं BDS की संयुक्त टीम द्वारा थाना शोभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम रक्शापथरा के जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। यह क्षेत्र जिला मुख्यालय से लगभग 65 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व दिशा में स्थित है। सर्चिंग के दौरान टेकरी के ऊपर चट्टान के किनारे नक्सलियों द्वारा डम्प कर छुपाए गए 01 नग AK-47 और 01 नग 12 बोर हथियार बरामद किए गए।

इसी क्रम में जिला धमतरी में जनवरी 2026 में आत्मसमर्पण कर चुकी 5 लाख की इनामी पूर्व महिला नक्सली की सूचना पर डीआरजी धमतरी द्वारा विशेष सर्च अभियान संचालित किया गया। धमतरी के दौड़पंडरीपानी जंगल क्षेत्र से माओवादियों द्वारा गड्ढा खोदकर और पत्तियों व प्राकृतिक सामग्री से ढककर छुपाया गया हथियार डम्प बरामद किया गया। इस डम्प से 01 एसएलआर 7.62 मिमी ऑटोमेटिक राइफल, 02 खाली मैगजीन, 01 नग 12 बोर बंदूक एवं 01 भरमार बंदूक जब्त की गई।

इन कार्यवाहियों से माओवादियों की सशस्त्र क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और क्षेत्र में शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत हुई है। रायपुर रेंज पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे माओवादी हिंसा से दूर रहकर शासन की आत्मसमर्पण व पुनर्वास नीति का लाभ लें और विकास की मुख्यधारा से जुड़ें। नक्सल उन्मूलन हेतु इस प्रकार के अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।