मरवाही वनमंडल में हाथियों की संख्या बढ़कर 62 हुई, धान की फसल और ग्रामीणों के घरों को पहुंचाया नुकसान
छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है। पहले यहां 52 से 54 हाथियों के विचरण की जानकारी थी, जबकि नाका रोड पर सड़क पार करते समय की गई गणना में लगभग 62 हाथी पाए गए। हाथियों के बढ़ते मूवमेंट को देखते हुए वन विभाग ने मैदानी अमले को सतर्क रहने और लगातार निगरानी के निर्देश दिए हैं। हाथियों ने नाका परिसर में धान की फसल खाई है और ग्रामीणों के घरों को भी नुकसान पहुंचाया है।
UNITED NEWS OF ASIA. आवास कैवर्त, मरवाही l छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पहले इस क्षेत्र में 52 से 54 हाथियों के विचरण करने की जानकारी सामने आई थी, लेकिन हाल ही में नाका रोड पर हाथियों के सड़क पार करने के दौरान की गई गणना में इनकी संख्या बढ़कर लगभग 62 पाई गई है। हाथियों के झुंड की संख्या में हुई इस बढ़ोतरी के बाद वन विभाग अलर्ट मोड पर है और मैदानी अमले को लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जानकारी के मुताबिक, नाका रोड पर हाथियों का झुंड सड़क पार करता दिखाई दिया। इसी दौरान वन विभाग की ओर से उनकी संख्या का आकलन किया गया। गणना में करीब 62 हाथी पाए गए। इससे पहले वनमंडल क्षेत्र में 52 से 54 हाथियों के मौजूद होने की जानकारी थी। नई गणना के बाद क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को हाथियों के मूवमेंट वाले इलाकों में सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
मरवाही वनमंडल क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी का असर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, हाथियों ने नाका परिसर में धान की फसल को अपना आहार बनाया है। इसके अलावा ग्रामीणों के घरों को भी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के गांवों और कृषि क्षेत्रों के आसपास पहुंचने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। खासकर उन इलाकों में सतर्कता जरूरी हो गई है, जहां हाथियों का झुंड लगातार विचरण कर रहा है।
मरवाही वनमंडल के डीएफओ कुमार निशांत ने हाथियों का वीडियो साझा करते हुए इस संबंध में जानकारी दी है। वीडियो में हाथियों की गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। वन विभाग हाथियों की आवाजाही पर नजर बनाए हुए है और मैदानी कर्मचारियों को प्रभावित क्षेत्रों में लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
हाथियों की बढ़ती संख्या और उनके विचरण क्षेत्र को देखते हुए ग्रामीणों के लिए भी सावधानी बरतना जरूरी है। हाथियों के आसपास जाने, उन्हें देखने के लिए भीड़ लगाने या उनके रास्ते में बाधा डालने से बचना चाहिए। विशेषकर रात के समय खेतों और जंगल से लगे रास्तों पर आवाजाही करते समय सतर्कता बरतनी चाहिए। हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलने पर वन विभाग को जानकारी देना और उसके निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
मरवाही वनमंडल में हाथियों की संख्या बढ़कर लगभग 62 होने की जानकारी के बाद अब वन विभाग के सामने हाथियों की सुरक्षित आवाजाही और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है। आने वाले दिनों में हाथियों का मूवमेंट किन क्षेत्रों की ओर रहता है, इस पर विभाग की निगरानी बनी हुई है। वहीं फसल और मकानों को हुए नुकसान का आकलन तथा प्रभावित ग्रामीणों को नियमानुसार राहत दिए जाने की कार्रवाई भी महत्वपूर्ण होगी।