रायपुर आयुर्वेद महाविद्यालय में 2,980 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार संपन्न

रायपुर स्थित शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के कौमारभृत्य (बालरोग) विभाग में 2,980 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। आयोजन का समन्वय डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने किया। महाविद्यालय प्रशासन ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार जताया।

Nov 3, 2026 - 08:02
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रायपुर आयुर्वेद महाविद्यालय में 2,980 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार संपन्न

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, रायपुर के कौमारभृत्य (बालरोग) विभाग में 2,980 बच्चों का स्वर्णप्राशन संस्कार संपन्न कराया गया। 2 नवंबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में बच्चों के साथ उनके अभिभावकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, कार्यक्रम के प्रति अभिभावकों में विशेष उत्साह देखने को मिला और प्रतिभागियों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी प्राप्त हुई।

स्वर्णप्राशन संस्कार आयुर्वेद की एक पारंपरिक बाल स्वास्थ्य संवर्धन विधि है। आयुर्वेदिक मान्यताओं के अनुसार, इसे बच्चों की बुद्धि, मेधा और स्मरण शक्ति के संवर्धन के साथ शारीरिक बल एवं रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। इस विधि का उद्देश्य बच्चों के समग्र स्वास्थ्य और मानसिक विकास को प्रोत्साहित करना बताया जाता है। हालांकि, इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभों को लेकर चिकित्सकीय प्रमाण और विशेषज्ञों की सलाह को ध्यान में रखना आवश्यक है।

कार्यक्रम का आयोजन शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय के कौमारभृत्य विभाग में किया गया। आयोजन का समन्वय विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर और स्वर्णप्राशन कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में विभाग की व्याख्याता डॉ. सत्यवती राठिया, पीजी स्कॉलर्स और इंटर्न्स ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी ने सामूहिक प्रयास और समर्पण के साथ कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को संभाला।

आयोजन के दौरान बच्चों और उनके अभिभावकों की सहभागिता देखने को मिली। महाविद्यालय प्रशासन के मुताबिक, अभिभावकों ने कार्यक्रम में रुचि दिखाई और आयोजन को लेकर अपनी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। बड़ी संख्या में बच्चों की भागीदारी को देखते हुए विभाग की टीम ने समन्वय और व्यवस्थाओं के साथ कार्यक्रम को संपन्न कराया।

कौमारभृत्य आयुर्वेद की वह शाखा है, जिसमें बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, विकास और बाल रोगों से संबंधित विषयों का अध्ययन एवं उपचार किया जाता है। इस विभाग के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अभिभावकों को बाल स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारियां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। स्वर्णप्राशन कार्यक्रम को भी इसी दिशा में आयोजित पारंपरिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यक्रम के समापन पर महाविद्यालय प्रशासन ने इसमें शामिल सभी अभिभावकों, चिकित्सकों, विद्यार्थियों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। प्रशासन ने कहा कि भविष्य में भी बाल स्वास्थ्य और जनकल्याण से जुड़े ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन के माध्यम से आयुर्वेदिक परंपराओं और बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।