धर्मजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के भुगतान पर उठे सवाल, तकनीकी व वित्तीय जांच की मांग

रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत धर्मजयगढ़ अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर पंचायत खातों से राशि आहरण को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति और भुगतान प्रक्रिया की निष्पक्ष तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराने तथा जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है।

Aug 1, 2026 - 16:11
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धर्मजयगढ़ जनपद की ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के भुगतान पर उठे सवाल, तकनीकी व वित्तीय जांच की मांग

UNITED NEWS OF ASIA. महेंद्र अग्रवाल, रायगढ़ l रायगढ़ जिले के जनपद पंचायत धर्मजयगढ़ अंतर्गत आने वाली विभिन्न ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों के नाम पर पंचायत खातों से की जा रही राशि आहरण की प्रक्रिया को लेकर क्षेत्र में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों के बीच यह विषय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लोगों का कहना है कि पंचायतों में विकास कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का उपयोग पूरी पारदर्शिता, जवाबदेही और शासन के निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। यदि कहीं भी अनियमितता की आशंका है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति को सामने लाना आवश्यक है।

ग्रामीणों के अनुसार जिन निर्माण कार्यों के लिए पंचायत खातों से भुगतान किया गया है, उनमें से कई कार्यों की गुणवत्ता, प्रगति तथा वास्तविक क्रियान्वयन को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी निर्माण कार्य का भुगतान करने से पहले संबंधित विभाग द्वारा स्थल निरीक्षण कराया जाना चाहिए तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि कार्य स्वीकृत मापदंडों के अनुरूप और शत-प्रतिशत पूरा हुआ है। उनका मानना है कि तकनीकी सत्यापन और निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही राशि आहरण की अनुमति दी जानी चाहिए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी निर्माण कार्य में गुणवत्ता संबंधी कमी पाई जाती है, कार्य अधूरा है अथवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं किया गया है, तो संबंधित कार्य का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया जाना चाहिए। उनका यह भी कहना है कि ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। यदि बिना पूर्ण सत्यापन के राशि आहरित की जाती है या नियमों की अनदेखी होती है तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत निधि सार्वजनिक धन है और इसका उपयोग पूरी ईमानदारी तथा पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्य सीधे आम जनता से जुड़े होते हैं, इसलिए प्रत्येक भुगतान और निर्माण कार्य की जानकारी स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उनका मानना है कि यदि सभी कार्य नियमों के अनुरूप किए गए हैं और भुगतान पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए हुआ है, तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए, जिससे ग्रामीणों के मन में किसी प्रकार की शंका या भ्रम की स्थिति न रहे।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में विकास कार्यों के संबंध में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए नियमित निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण और वित्तीय ऑडिट आवश्यक हैं। उनका मानना है कि इससे न केवल सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि विकास कार्यों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। साथ ही पंचायत व्यवस्था के प्रति आम लोगों का विश्वास भी मजबूत होगा।

जनहित को ध्यान में रखते हुए संबंधित विभाग और जिला प्रशासन से मांग की गई है कि जनपद पंचायत धर्मजयगढ़ के अंतर्गत आने वाली सभी ग्राम पंचायतों में निर्माण कार्यों और पंचायत खातों से किए गए राशि आहरण का विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय परीक्षण कराया जाए। जांच के दौरान प्रत्येक निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन किया जाए, उपयोग की गई सामग्री, कार्य की गुणवत्ता, भुगतान प्रक्रिया और प्रशासनिक स्वीकृतियों की भी समीक्षा की जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए, ताकि आम नागरिकों को भी वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट सार्वजनिक होने से पंचायतों में पारदर्शिता बढ़ेगी, अनावश्यक विवाद समाप्त होंगे और लोगों का प्रशासन पर विश्वास और मजबूत होगा। यदि जांच में सभी कार्य नियमानुसार पाए जाते हैं तो इससे पंचायत प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवालों का भी समाधान हो जाएगा।

क्षेत्र के लोगों का मानना है कि पंचायत व्यवस्था लोकतंत्र की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है और ग्रामीण विकास की अधिकांश योजनाएं इसी व्यवस्था के माध्यम से संचालित होती हैं। ऐसे में पंचायत निधि के उपयोग में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण, तकनीकी परीक्षण और वित्तीय समीक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से ग्रामीणों तक पहुंचे।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत तथा संबंधित विभागों से अपील की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि यदि किसी भी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, वहीं यदि सभी भुगतान और निर्माण कार्य पूरी तरह नियमानुसार पाए जाते हैं तो इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जाए। इससे पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को और मजबूती मिलेगी।