अविश्वास प्रस्ताव भले नहीं हुआ पारित, सरकार बेनकाब हो गई: कांग्रेस

छत्तीसगढ़ विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित नहीं होने के बावजूद कांग्रेस ने इसे अपनी राजनीतिक सफलता बताया। कांग्रेस ने दावा किया कि सदन में सरकार की कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और वादाखिलाफी जैसे मुद्दों पर सरकार का जनविरोधी चेहरा उजागर हुआ।

Jul 19, 2026 - 12:04
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अविश्वास प्रस्ताव भले नहीं हुआ पारित, सरकार बेनकाब हो गई: कांग्रेस

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ विधानसभा में कांग्रेस द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव संख्या बल के कारण पारित नहीं हो सका, लेकिन कांग्रेस ने इसे सरकार को बेनकाब करने वाला कदम बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सदन में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस ने सरकार की कार्यप्रणाली, वादाखिलाफी और जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाया, जिससे सरकार का जनविरोधी चेहरा सामने आ गया।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव में सरकार के खिलाफ 136 बिंदुओं पर आरोप लगाए गए थे। कांग्रेस विधायकों ने कानून व्यवस्था, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई, किसानों की समस्याओं, आदिवासी क्षेत्रों की स्थिति और विकास कार्यों में कथित सुस्ती जैसे मुद्दों को सदन में विस्तार से उठाया। उनका दावा है कि सरकार इन सवालों का संतोषजनक जवाब देने में असफल रही।

कांग्रेस का आरोप है कि विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने जिन वादों और "मोदी की गारंटी" के नाम पर जनता से समर्थन मांगा था, उनमें से अधिकांश अब तक पूरे नहीं हुए हैं। पार्टी का कहना है कि ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी कई घोषणाएं केवल संकल्प पत्र तक सीमित हैं और उनका लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पाया है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था कमजोर हुई है, विकास कार्य प्रभावित हुए हैं और युवाओं को अपेक्षित रोजगार नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान, आदिवासी, मजदूर, कर्मचारी, छात्र, महिलाएं और अन्य वर्ग सरकार की नीतियों से निराश हैं। उनके अनुसार, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लोग अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करने को मजबूर हैं।

कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में उदासीन है तथा प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता की कमी है। पार्टी का कहना है कि पदोन्नति, भर्तियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनियमितताओं के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, जबकि इन मुद्दों पर सरकार स्पष्ट जवाब देने से बचती रही है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विपक्ष के रूप में कांग्रेस ने पिछले ढाई वर्षों में लगातार जनहित के मुद्दे सदन और जनता के बीच उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने विपक्ष के सुझावों और आलोचनाओं को गंभीरता से लेने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया। कांग्रेस का दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव लाने का उद्देश्य सरकार को जनता के मुद्दों पर जवाबदेह बनाना था और इस दृष्टि से पार्टी अपने प्रयास में सफल रही।

कांग्रेस ने कहा कि विधानसभा में हुई बहस से जनता के सामने सरकार की कार्यशैली को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं। पार्टी का कहना है कि वह आगे भी किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाती रहेगी तथा सरकार को जनहित के मामलों में जवाबदेह बनाने का प्रयास जारी रखेगी।