छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, डॉक्टरों और स्टाफ की कमी से मरीजों की मौत: वंदना राजपूत
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी के कारण मरीजों की समय पर इलाज न मिलने से मौतें हो रही हैं। उन्होंने भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपेक्षा और अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था का आरोप लगाया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता वंदना राजपूत ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है।
वंदना राजपूत ने कहा कि सेंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में होने वाली 60 प्रतिशत से अधिक मौतों के पीछे समय पर प्रशिक्षित डॉक्टरों और पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव एक प्रमुख कारण है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में छत्तीसगढ़ देश में बिहार और झारखंड के बाद तीसरे स्थान पर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार की प्राथमिकताओं में आम जनता की स्वास्थ्य सेवाएं शामिल नहीं हैं। उनके अनुसार, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में लंबे समय से डॉक्टरों और कर्मचारियों के पद खाली पड़े हैं, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वीकृत 2,660 पदों में से लगभग 1,290 पद रिक्त हैं। इसके अलावा, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप-स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में पद खाली हैं। ऐसे में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वंदना राजपूत ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयों और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों की भी कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि कई अस्पतालों में नकली दवाइयों के इस्तेमाल की शिकायतें भी सामने आ चुकी हैं, जिससे मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
उन्होंने रायपुर स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) और डीकेएस अस्पताल का भी उल्लेख करते हुए कहा कि ये दोनों बड़े सरकारी अस्पताल भी अव्यवस्था का सामना कर रहे हैं। उनके अनुसार, करोड़ों रुपये की चिकित्सा मशीनें स्थापना या संचालन के अभाव में उपयोग नहीं हो पा रही हैं, जबकि योग्य विशेषज्ञ डॉक्टर होने के बावजूद पर्याप्त संसाधनों की कमी के कारण मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां, एक्स-रे फिल्म, पैथोलॉजी सामग्री और अन्य चिकित्सा उपकरणों की कमी बनी रहती है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है तथा निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
वंदना राजपूत ने राज्य सरकार से स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती करने, अस्पतालों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने, आवश्यक दवाइयों और उपकरणों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके।