नीट-2 परिणाम के बाद छात्रा की आत्महत्या पर कांग्रेस का हमला, मोदी सरकार को ठहराया जिम्मेदार
नीट-2 परीक्षा परिणाम के बाद जगदलपुर की छात्रा की आत्महत्या पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक और एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l नीट-2 परीक्षा परिणाम के बाद जगदलपुर की एक छात्रा द्वारा आत्महत्या किए जाने की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने लाखों विद्यार्थियों को मानसिक तनाव में धकेल दिया है, जिसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है।
दीपक बैज ने कहा कि जगदलपुर के अड़ावल क्षेत्र की छात्रा सुरला हारिका राव ने कथित तौर पर नीट-2 के परिणाम से निराश होकर आत्महत्या कर ली। उनका दावा है कि रद्द हुई पहली परीक्षा में छात्रा के अंक बेहतर थे, लेकिन दोबारा आयोजित परीक्षा में अपेक्षाकृत कम अंक आने से वह मानसिक रूप से टूट गई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही अनियमितताओं का परिणाम हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा लाखों विद्यार्थियों के भविष्य और वर्षों की मेहनत से जुड़ी होती है। परीक्षा के बाद पेपर लीक की घटनाओं के सामने आने और परीक्षा रद्द होने से विद्यार्थियों का आत्मविश्वास प्रभावित हुआ। कांग्रेस का कहना है कि जिन छात्रों ने पहली परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन किया था, वे दोबारा परीक्षा के कारण मानसिक दबाव में आ गए, जिसका असर उनके परिणाम और मनोबल दोनों पर पड़ा।
दीपक बैज ने कहा कि वर्ष 2024 में भी नीट पेपर लीक का मामला सामने आया था, लेकिन उस मामले में किसी की जवाबदेही तय नहीं की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई के बजाय उन्हें अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। कांग्रेस का दावा है कि इससे परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार होने वाली परीक्षा संबंधी अनियमितताओं से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने कहा कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है।
दीपक बैज ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में रही है और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेही तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार से मांग की है कि परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो तथा विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में विश्वास बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।