कांग्रेस का आरोप- भाजपा सरकार में उद्योग बंद हुए, नया निवेश नहीं आया

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर उद्योग और निवेश के मोर्चे पर विफल रहने का आरोप लगाया है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जून 2025 तक प्रदेश में 18,940 पंजीकृत उद्योगों में से 4,288 उद्योग बंद हो चुके हैं, जिससे हजारों लोगों का रोजगार प्रभावित हुआ है। कांग्रेस ने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में 3,136 नए उद्योग स्थापित हुए थे, जबकि वर्तमान सरकार के दौरान नए निवेश के दावे धरातल पर नहीं उतरे। पार्टी ने बिजली, सड़क, पानी, परिवहन, जमीन की दरों और कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

Oct 4, 2026 - 12:28
 0  3
कांग्रेस का आरोप- भाजपा सरकार में उद्योग बंद हुए, नया निवेश नहीं आया

UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने भाजपा सरकार पर राज्य में उद्योग और निवेश को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद प्रदेश में पुराने उद्योग बंद हुए हैं, जबकि नए निवेश के दावे धरातल पर नजर नहीं आ रहे हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार औद्योगिक विकास को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति इसके विपरीत है।

सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जून 2025 तक प्रदेश में 18,940 पंजीकृत उद्योग थे, जिनमें से 4,288 उद्योग बंद हो चुके हैं। कांग्रेस के अनुसार उद्योगों के बंद होने से हजारों लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है। पार्टी ने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों के लिए जरूरी सड़क, बिजली, पानी और सार्वजनिक परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है।

कांग्रेस ने जमीन की गाइडलाइन दरों और रजिस्ट्री से जुड़े प्रावधानों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जमीन की दरों में मिलने वाली छूट समाप्त होने और रजिस्ट्री महंगी होने से नए उद्योगों के लिए लागत बढ़ी है। कांग्रेस ने औद्योगिक बिजली दरों को भी निवेश के लिए बड़ी चुनौती बताया और कहा कि राज्य में कमर्शियल बिजली दरें पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक हैं।

कांग्रेस ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सरकार को घेरा। सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि चोरी, डकैती, हत्या, फिरौती और गैंगवार जैसी घटनाओं से व्यापारियों और निवेशकों के बीच असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उन्होंने सवाल किया कि ऐसी परिस्थितियों में बाहरी निवेशक छत्तीसगढ़ में निवेश करने का भरोसा कैसे करेंगे।

कांग्रेस ने अपने पूर्ववर्ती कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2023 के बीच राज्य में 3,136 नए उद्योग स्थापित हुए थे। पार्टी के अनुसार 35 उद्योगों में करीब 61 हजार लोगों को रोजगार मिला था और लगभग 700 नए राइस मिल भी स्थापित हुए थे। इसके अलावा रीपा परियोजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए गए थे।

कांग्रेस का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, कपड़ा और रेडीमेड, स्पंज आयरन, रोलिंग मिल, मक्का प्लांट और एथेनॉल प्लांट जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला। छोटे भूखंडों की रजिस्ट्री, पंजीयन शुल्क में छूट और बिजली में सब्सिडी जैसे प्रावधानों का भी पार्टी ने उल्लेख किया।

सुशील आनंद शुक्ला ने भाजपा सरकार के नए निवेश के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछले ढाई साल में घोषित निवेश प्रस्तावों में से कितने वास्तव में जमीन पर उतरे, सरकार को इसका स्पष्ट विवरण देना चाहिए। कांग्रेस ने सितंबर 2025 में वेलनेस, हेल्थकेयर और पर्यटन क्षेत्र में 7 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव तथा नवंबर 2025 में गुजरात से 33 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव के दावों का उल्लेख किया।

कांग्रेस ने हैदराबाद में आयोजित छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट में 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव और बस्तर में इन्वेस्टर कनेक्ट के दौरान 967 करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्तावों को लेकर भी सरकार से सवाल किए। पार्टी ने पूछा कि इन प्रस्तावों में से कितने निवेशकों ने वास्तव में काम शुरू किया और कितने प्रोजेक्ट जमीन पर आए।

कांग्रेस ने अमेरिका, जापान और कोरिया से सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक आइटम, आईटी, एआई, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में निवेश आने के सरकारी दावों पर भी जवाब मांगा। पार्टी ने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि अब तक कितने विदेशी निवेशक छत्तीसगढ़ आए और कितनी परियोजनाएं शुरू हुईं।

सुशील आनंद शुक्ला ने आरोप लगाया कि सरकार की उद्योग विरोधी नीतियों और कथित उपेक्षा के कारण स्पंज आयरन, रोलिंग मिल, राइस मिल, सहकारी शक्कर कारखाने और एथेनॉल प्लांट जैसे मौजूदा उद्योग भी प्रभावित हुए हैं। कांग्रेस ने सरकार से बंद उद्योगों की स्थिति सार्वजनिक करने, नए निवेश प्रस्तावों की वास्तविक प्रगति बताने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए ठोस औद्योगिक नीति लागू करने की मांग की है।