अधिकारियों के रवैये को लेकर कांग्रेस का सरकार पर हमला, प्रशासनिक अराजकता का लगाया आरोप
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश में अधिकारियों के कथित रवैये को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में जनप्रतिनिधियों तक की बात नहीं सुनी जा रही है और प्रशासनिक व्यवस्था अनियंत्रित हो गई है। उन्होंने सरकार से ऐसे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l प्रदेश में अधिकारियों के कार्य व्यवहार और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रशासनिक व्यवस्था अनियंत्रित हो गई है और जनप्रतिनिधियों की बात तक अधिकारियों द्वारा नहीं सुनी जा रही है। उन्होंने कहा कि यदि सांसद और विधायक अपनी ही सरकार में अधिकारियों के रवैये से असंतुष्ट हैं, तो आम जनता की स्थिति का सहज अनुमान लगाया जा सकता है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सांसद बृजमोहन अग्रवाल और विजय बघेल को भी अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त करनी पड़ी। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री से शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारियों के रवैये में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके चलते विशेषाधिकार हनन की शिकायत तक लोकसभा अध्यक्ष के समक्ष किए जाने की बात सामने आई। कांग्रेस ने इसे प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला विषय बताया।
कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि हाल के समय में कई जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया है। प्रेस विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया कि मुख्यमंत्री की मौजूदगी में समीक्षा बैठक के दौरान गृह मंत्री और एक पुलिस अधीक्षक के बीच हुई कथित नोकझोंक तथा बेमेतरा के एक कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह द्वारा अधिकारियों के कार्य व्यवहार पर नाराजगी व्यक्त किए जाने जैसी घटनाएं प्रशासनिक स्थिति को दर्शाती हैं। कांग्रेस ने यह भी कहा कि सांसद भोजराज नाग का अधिकारियों को लेकर दिया गया बयान भी इसी असंतोष का संकेत है।
धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में आम लोगों को छोटे-छोटे विभागीय कार्यों के लिए भी लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने दावा किया कि सुशासन तिहार के दौरान बड़ी संख्या में जनसमस्याओं से जुड़े आवेदन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि लोगों के कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार शिकायतों के बावजूद अधिकारियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में असफल रही है।
कांग्रेस ने सवाल उठाया कि यदि अधिकारी जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, तो सरकार उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर रही। पार्टी ने आरोप लगाया कि प्रशासन में जवाबदेही की कमी के कारण आम लोगों का सरकारी तंत्र पर भरोसा प्रभावित हो रहा है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मांग की है कि प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए तथा जिन अधिकारियों पर अनुशासनहीनता या मनमाने रवैये के आरोप हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।