माताओं-बहनों का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
रायपुर में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। उन्होंने माताओं-बहनों को तीज की शुभकामनाएं देते हुए महिला सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना, लखपति दीदी, महिला स्वरोजगार, फिल्म सिटी और छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़े प्रयासों की जानकारी साझा की। समारोह में लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान भी किया गया।
UNITED NEWS OF ASIA. अमृतेश्वर सिंह, रायपुर l राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर आयोजित तीज मिलन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय शामिल हुए। पारंपरिक उल्लास और आत्मीय वातावरण में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने माताओं-बहनों से मुलाकात कर उन्हें तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में मातृशक्ति का विशेष स्थान है तथा महिलाओं का सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीज पर्व समृद्ध संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और आत्मीय रिश्तों से जुड़ा हुआ है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़े इस पर्व पर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की जाती है। उन्होंने प्रदेश की सभी माताओं-बहनों और उनके परिवारों के सुखी, समृद्ध एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी परंपराएं परिवार और समाज को जोड़ने के साथ आपसी प्रेम और आत्मीयता को मजबूत करती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति में मातृशक्ति को विशेष सम्मान दिया गया है। उन्होंने कहा कि मां परिवार की पहली शिक्षक और संस्कारों की आधारशिला होती है। महिलाओं के परिश्रम, त्याग और सहयोग से परिवार मजबूत होता है और मजबूत परिवार से सशक्त समाज तथा समृद्ध प्रदेश का निर्माण होता है। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं को केवल योजनाओं का हितग्राही नहीं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बराबर का सहभागी मानकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं के बैंक खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि सीधे अंतरित की जा रही है। उनके अनुसार अब तक 31 किस्तों के माध्यम से 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि हितग्राही महिलाओं के खातों में पहुंचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महिलाएं इस राशि का उपयोग परिवार की जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, बचत और छोटे स्वरोजगार के लिए भी कर रही हैं।
उन्होंने महिला आत्मनिर्भरता के संदर्भ में बताया कि प्रदेश में अब तक 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों और छोटे व्यवसायों के माध्यम से परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की बढ़ती आर्थिक भागीदारी परिवारों के साथ प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति को लेकर कहा कि प्रदेश की लोककला, परंपराएं और सांस्कृतिक विरासत उसकी विशिष्ट पहचान हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देने के लिए लगभग 650 करोड़ रुपए की लागत से फिल्म सिटी तैयार की जा रही है। इससे स्थानीय कलाकारों, तकनीशियनों और युवाओं के लिए रोजगार एवं प्रतिभा प्रदर्शन के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने लोक कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
समारोह में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रदेश में आवास, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शांति, विश्वास और विकास के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की प्राकृतिक संपदा और उपलब्ध संसाधनों का जनहित में बेहतर उपयोग करते हुए विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना सरकार का संकल्प है। इस विकास यात्रा में माताओं-बहनों की सहभागिता और सहयोग को उन्होंने महत्वपूर्ण बताया।
राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने तीज मिलन समारोह में माताओं-बहनों का स्वागत करते हुए कहा कि उनके निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की उपस्थिति इसे विशेष बनाती है। उन्होंने अपने जीवन के संघर्षों और प्रदेश में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ी लोकगीत प्रस्तुत कर माताओं-बहनों का अभिनंदन किया।
समारोह में छत्तीसगढ़ की लोक कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि लोककला, लोकगीत, लोकनृत्य और परंपराएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा के निवास पर विराजित भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। समारोह में बड़ी संख्या में माताएं-बहनें, कलाकार और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।