स्वास्थ्य सचिव से मिले सीडा पदाधिकारी, पदोन्नति और वेतनमान सहित लंबित मांगों पर हुई चर्चा

छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (सीडा) के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात कर चिकित्सकों की पदोन्नति, चार-स्तरीय समयबद्ध वेतनमान, नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए), एडहॉक वरिष्ठता और चिकित्सा सेटअप के पुनरीक्षण सहित विभिन्न लंबित मांगों पर चर्चा की। स्वास्थ्य सचिव ने सभी मांगों पर सकारात्मक विचार का आश्वासन दिया।

Aug 5, 2026 - 11:04
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स्वास्थ्य सचिव से मिले सीडा पदाधिकारी, पदोन्नति और वेतनमान सहित लंबित मांगों पर हुई चर्चा

UNITED NEWS OF ASIA. हसीब अख्तर, रायपुर l छत्तीसगढ़ इन-सर्विस डॉक्टर्स एसोसिएशन (सीडा) के राज्य पदाधिकारियों ने स्वास्थ्य सचिव से मुलाकात कर प्रदेश के शासकीय चिकित्सकों से जुड़ी विभिन्न लंबित मांगों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में पदोन्नति व्यवस्था, भर्ती नियमों में संशोधन, समयबद्ध वेतनमान, नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए), एडहॉक सेवा की वरिष्ठता तथा चिकित्सा सेटअप के पुनरीक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।

सीडा प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि वर्तमान में चिकित्सक अधिकारियों की प्रथम पदोन्नति के लिए स्पष्ट भर्ती एवं पदोन्नति नियम नहीं होने के कारण उन्हें खंड चिकित्सा अधिकारी, नोडल अधिकारी अथवा समकक्ष पदों पर समय पर पदोन्नति नहीं मिल पा रही है। इसके चलते आगे जिला स्वास्थ्य अधिकारी, उप संचालक, संयुक्त संचालक और संचालक जैसे उच्च प्रशासनिक पदों तक पहुंचने का मार्ग भी प्रभावित हो रहा है। संगठन ने प्रथम स्तर से लेकर उच्च प्रशासनिक पदों तक क्रमबद्ध और समयबद्ध पदोन्नति व्यवस्था लागू करने की मांग रखी।

बैठक में सामान्य और विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए चार-स्तरीय समयबद्ध वित्तीय उन्नयन का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। सीडा ने केंद्र सरकार तथा अन्य राज्यों की तर्ज पर सेवा अवधि के आधार पर वेतनमान में वृद्धि की व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया। संगठन का कहना है कि सीमित पदोन्नति अवसरों के कारण चिकित्सकों को सेवा अवधि और जिम्मेदारियों के अनुरूप वित्तीय लाभ मिलना चाहिए।

प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत चिकित्सकों को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) दिए जाने की भी मांग की। उनका कहना था कि चिकित्सा शिक्षा विभाग के चिकित्सकों को यह सुविधा मिल रही है, जबकि स्वास्थ्य विभाग में प्रशासनिक दायित्व निभाने वाले और निजी प्रैक्टिस नहीं करने वाले चिकित्सक इससे वंचित हैं। इसलिए सभी पात्र चिकित्सकों को समान लाभ प्रदान किया जाना चाहिए।

सीडा ने एडहॉक सेवा से नियमित हुए चिकित्सकों की वरिष्ठता का विषय भी स्वास्थ्य सचिव के समक्ष रखा। संगठन ने कहा कि उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप बिना सेवा-विराम के नियमित हुए चिकित्सकों की वरिष्ठता और सेवा लाभ उनकी पहली नियुक्ति की तिथि से निर्धारित किए जाने चाहिए।

इसके अलावा संगठन ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सा सेटअप के पुनरीक्षण की आवश्यकता पर भी जोर दिया। सीडा के अनुसार कम्युनिटी मेडिसिन और फॉरेंसिक मेडिसिन जैसी विशेषज्ञताओं के लिए पर्याप्त पद और अलग कैडर उपलब्ध नहीं हैं, जिससे विशेषज्ञ चिकित्सकों की क्षमता का समुचित उपयोग नहीं हो पा रहा है। संगठन ने विकासखंड, जिला, संभाग और राज्य स्तर पर आवश्यक पदों के सृजन की मांग की।

बैठक के दौरान स्वास्थ्य सचिव ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को गंभीरता से सुना और प्रत्येक विषय पर सकारात्मक एवं सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। सीडा ने उम्मीद जताई कि राज्य शासन चिकित्सकों की सेवा संबंधी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाएगा।