छत्तीसगढ़ में अपराध पीड़ितों की 37.07 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लंबित, हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
छत्तीसगढ़ में पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत अपराध पीड़ितों के 1099 मामलों में 37 करोड़ 7 लाख 42 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति राशि लंबित है। फंड उपलब्ध नहीं होने के कारण पात्र पीड़ितों को राशि का भुगतान नहीं हो सका है। मामले में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है और सक्षम अधिकारी को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है।
UNITED NEWS OF ASIA. छत्तीसगढ़ में अपराध से प्रभावित पीड़ितों को मिलने वाली क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। प्रदेश में पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के तहत 1099 मामलों में कुल 37 करोड़ 7 लाख 42 हजार रुपये की राशि लंबित होने की जानकारी सामने आई है। फंड की उपलब्धता नहीं होने के कारण पात्र पीड़ितों को अब तक क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किया जा सका है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब-तलब किया है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत जानकारी पर विचार किया। सुनवाई के दौरान सामने आया कि अप्रैल 2025 से जुलाई 2026 के बीच सरकार की ओर से कोर्ट को बताया जाता रहा है कि पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना, 2018 के तहत राशि के आवंटन और भुगतान के लिए आवश्यक प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
सरकार की ओर से कोर्ट को यह भी बताया गया था कि लंबित क्षतिपूर्ति राशि को फंड उपलब्ध होते ही जल्द जारी किया जाएगा। हालांकि बड़ी संख्या में मामले लंबित रहने के कारण कोर्ट ने इस मामले की निगरानी जारी रखी है। पिछली सुनवाई के दौरान सरकार ने पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के लिए अलग बजट हेड बनाए जाने की जानकारी भी कोर्ट के समक्ष रखी थी।
डिवीजन बेंच ने अब सक्षम अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अधिकारी से स्पष्ट रूप से जानकारी देने को कहा है कि 37.07 करोड़ रुपये की लंबित राशि जारी करने के लिए अब तक राज्य सरकार की ओर से क्या-क्या कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही पात्र पीड़ितों को लंबित राशि का भुगतान किस समय सीमा के भीतर किया जाएगा, इसकी भी स्पष्ट और समयबद्ध जानकारी शपथपत्र में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना का उद्देश्य अपराध से प्रभावित पात्र पीड़ितों और उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि अपराध के कारण उत्पन्न आर्थिक कठिनाइयों से उन्हें राहत मिल सके। ऐसे में बड़ी संख्या में मामलों में क्षतिपूर्ति राशि लंबित होने को लेकर न्यायालय ने सरकार से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 23 सितंबर 2026 की तारीख निर्धारित की है। अब सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले व्यक्तिगत शपथपत्र में लंबित राशि के भुगतान की प्रक्रिया, अब तक किए गए प्रयास और भुगतान की संभावित समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। कोर्ट की निगरानी के चलते इस मामले में पात्र पीड़ितों को लंबित क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान को लेकर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।