सावन में बाबा भोरमदेव के आंगन में 2 अगस्त से सजेगा संभागीय सरस मेला, महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का होगा भव्य प्रदर्शन
कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर परिसर के पास 2 से 6 अगस्त 2026 तक संभागीय सरस मेले का आयोजन होगा। मेले में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय के साथ लोकनृत्य, लोकगीत एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
UNITED NEWS OF ASIA. सौरभ नामदेव, कवर्धा l सावन के पवित्र माह में विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर परिसर के समीप स्थित ग्राम पंचायत चौरा, विकासखंड बोडला में 2 अगस्त से 6 अगस्त 2026 तक पांच दिवसीय संभागीय सरस मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की लखपति दीदियों द्वारा तैयार किए गए स्वदेशी, प्राकृतिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की प्रदर्शनी और विक्रय किया जाएगा। यह आयोजन ग्रामीण उद्यमिता, महिला सशक्तिकरण और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
मेले में आने वाले आगंतुकों को एक ही स्थान पर दैनिक उपयोग की आकर्षक सामग्री, मिलेट आधारित पौष्टिक खाद्य उत्पाद, घरेलू खाद्य सामग्री, चार, चिरौंजी, महुआ सहित विभिन्न वनोपज आधारित उत्पाद उपलब्ध होंगे। इसके अलावा हस्तशिल्प, हस्तकरघा उत्पाद, बाँस और बेंत से निर्मित आकर्षक वस्तुएँ, घरेलू सजावटी सामग्री, पारंपरिक परिधान तथा अन्य उपयोगी स्वदेशी उत्पाद भी प्रदर्शित और विक्रय के लिए रखे जाएंगे।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि बिहान योजना से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूह स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रहे हैं। इन उत्पादों को उचित मूल्य पर आम लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से संभागीय सरस मेले का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक खरीदारी ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने, आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने तथा ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को मजबूती प्रदान करने का माध्यम बनेगी।
मेले के दौरान खरीदारी के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। विभिन्न कलाकारों द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकनृत्य, लोकगीत और पारंपरिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी, जो आगंतुकों को स्थानीय संस्कृति से रूबरू कराएंगी। कला, संस्कृति और ग्रामीण उत्पादों का यह संगम मेले को विशेष आकर्षण प्रदान करेगा।
संभागीय सरस मेले में दुर्ग संभाग के कबीरधाम, दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी तथा खैरागढ़-छुईखदान-गंडई सहित अन्य जिलों की महिला स्व-सहायता समूहों की भागीदारी रहेगी। विभिन्न जिलों से आने वाले समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय के लिए लगभग 45 से 50 स्टॉल लगाए जाएंगे, जिससे आगंतुकों को विविध प्रकार के स्थानीय और पारंपरिक उत्पाद एक ही स्थान पर उपलब्ध होंगे।
आयोजन समिति ने जिले सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों से अपील की है कि वे 2 अगस्त से 6 अगस्त तक आयोजित होने वाले इस संभागीय सरस मेले में अपने परिवार, मित्रों और प्रियजनों के साथ पहुंचकर खरीदारी के साथ ग्रामीण महिला उद्यमियों का उत्साहवर्धन करें तथा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, हस्तशिल्प और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लें। यह मेला सावन के पावन अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम साबित होगा।