बेमेतरा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को बताए अधिकार

बेमेतरा के शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, निःशुल्क विधिक सहायता, साइबर अपराधों से बचाव, हेल्पलाइन नंबर 1930 और महिलाओं के कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई। जिले के विभिन्न संस्थानों में भी शिविर लगाए गए।

Oct 11, 2026 - 12:49
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बेमेतरा में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर, विद्यार्थियों को बताए अधिकार

UNITED NEWS OF ASIA. अरुण पुरेना, बेमेतरा l विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को शासकीय पंडित जवाहरलाल नेहरू कला एवं विज्ञान स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बेमेतरा में मानसिक स्वास्थ्य एवं विधिक अधिकारों को लेकर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा जरूरतमंद लोगों को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देना था।

कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सरोज नंद दास के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वर्णलता ओम यादव उपस्थित रहीं। इस दौरान विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, मानसिक तनाव से बचाव, मानसिक समस्याओं की पहचान और ऐसी परिस्थितियों में उचित सहायता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई।

मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता पर जोर

शिविर में बताया गया कि मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। मानसिक तनाव या अन्य समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों की बात सुनना, उनकी परिस्थितियों को समझना और उनके प्रति सहयोगात्मक व्यवहार अपनाना जरूरी है। कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों और भेदभाव को दूर करने पर जोर दिया गया। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया गया कि वे मानसिक समस्याओं को छिपाने के बजाय जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सहायता लें और दूसरों को भी सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से प्रभावित व्यक्तियों के अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता के बारे में जानकारी दी गई। जरूरतमंद व्यक्ति किस प्रकार विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं, इस प्रक्रिया को भी समझाया गया। इसका उद्देश्य लोगों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराने और उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा।

साइबर अपराध और महिलाओं के अधिकारों की जानकारी

कार्यक्रम में साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन धोखाधड़ी से सतर्क रहने और सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग करने के उपाय बताए गए। साइबर अपराध होने पर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया समझाते हुए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों से अपील की गई कि ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार होने पर जल्द शिकायत दर्ज कराएं और अपनी गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें।

सचिव स्वर्णलता ओम यादव ने कार्यस्थल पर महिलाओं के साथ होने वाले लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, महिलाओं के संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों और आंतरिक शिकायत समिति की भूमिका के संबंध में भी जानकारी दी। महिलाओं को शिकायत निवारण की प्रक्रिया, निःशुल्क विधिक सहायता और न्याय तक सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया।

जिले के विभिन्न संस्थानों में भी लगे शिविर

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार, अधिकार मित्रों के माध्यम से जिला जेल बेमेतरा, जिला अस्पताल बेमेतरा, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला भेड़नी, ग्राम नांदल, आयुष्मान आरोग्य मंदिर कुसमी, उचित मूल्य की दुकान खंडसरा और तालुका स्तर पर साजा के परपोड़ी में भी जागरूकता शिविर आयोजित किए गए।
इन कार्यक्रमों में महाविद्यालय के प्रोफेसर, विद्यालयों के शिक्षक, जिला अस्पताल के चिकित्सक और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्र उपस्थित रहे। शिविरों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, साइबर अपराधों से बचाव और कानूनी अधिकारों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।