जुन्नारदेव-गुढ़ी अंबाड़ा में गाजर घास का बढ़ता प्रकोप, मच्छरों और वायरल फीवर से परेशान ग्रामीण

छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत पाला चौरई में गाजर घास की अधिकता स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। क्षेत्र में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और वायरल फीवर से लोगों की परेशानी बढ़ने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर पंचायत, वेकोलि और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी के बीच बड़े पैमाने पर साफ-सफाई अभियान चलाने की मांग उठाई जा रही है, ताकि लोगों को राहत मिल सके।

Oct 10, 2026 - 19:18
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जुन्नारदेव-गुढ़ी अंबाड़ा में गाजर घास का बढ़ता प्रकोप, मच्छरों और वायरल फीवर से परेशान ग्रामीण

UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l छिंदवाड़ा जिले के पश्चिमी अंचल में स्थित जनपद पंचायत जुन्नारदेव के अंतर्गत ग्राम पंचायत पाला चौरई में गाजर घास की बढ़ती समस्या से स्थानीय लोग परेशान हैं। क्षेत्र में जगह-जगह गाजर घास उग आने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की बात कही जा रही है। वहीं, वायरल फीवर की चपेट में आने से कई परिवारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में क्षेत्र में बड़े स्तर पर साफ-सफाई अभियान चलाने की जरूरत महसूस की जा रही है।

स्थानीय लोगों की परेशानी को देखते हुए पंचायत, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (वेकोलि) और स्वास्थ्य विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। क्षेत्र में इन संस्थानों की मौजूदगी के बावजूद गाजर घास की समस्या दूर नहीं होने की बात उठाई जा रही है। लोगों का मानना है कि यदि संबंधित विभाग और स्थानीय निकाय मिलकर अभियान चलाएं, तो गाजर घास को हटाने के साथ आसपास की सफाई व्यवस्था में भी सुधार किया जा सकता है।

बारिश के बाद जगह-जगह उगी गाजर घास

वर्तमान वर्षा ऋतु के दौरान क्षेत्र में हुई बारिश के बाद घरों के आसपास, खाली स्थानों और वेकोलि क्षेत्र के आसपास गाजर घास उग आई है। स्थानीय स्तर पर इसे मच्छरों की बढ़ती परेशानी से जोड़कर देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि गाजर घास और आसपास जमा गंदगी की नियमित सफाई नहीं होने से समस्या लगातार बनी हुई है। ऐसे में जरूरी है कि सार्वजनिक स्थानों के साथ बस्तियों और कॉलोनियों में भी साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाए।

वायरल फीवर से परेशान परिवार

क्षेत्र में वायरल फीवर के मामले सामने आने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवारों के सदस्य बुखार से परेशान हैं, जिससे उन्हें समय और धन दोनों खर्च करने पड़ रहे हैं। हालांकि, वायरल फीवर के मामलों और गाजर घास या मच्छरों के बीच संबंध की पुष्टि के लिए स्वास्थ्य विभाग की जांच और आंकड़े जरूरी हैं। ऐसे में क्षेत्र में स्वास्थ्य जागरूकता, नियमित सफाई और मच्छरों से बचाव के उपायों पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

पंचायत, वेकोलि और स्वास्थ्य विभाग से अभियान की मांग

स्थानीय लोगों का मानना है कि ग्राम पंचायत, वेकोलि प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग समन्वय बनाकर बड़े स्तर पर सफाई अभियान चला सकते हैं। इस अभियान के तहत घरों के आसपास, खाली भूखंडों, कॉलोनियों और सार्वजनिक स्थलों पर उगी गाजर घास हटाने के साथ मच्छरों के प्रजनन को रोकने के उपाय किए जा सकते हैं। जरूरत के अनुसार जलभराव वाले स्थानों की सफाई और नियमित निगरानी भी की जा सकती है।

क्षेत्रवासियों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कदम उठाएंगे। यदि नियमित सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियान चलाया जाता है, तो लोगों को राहत मिलने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि स्थानीय निकाय और संबंधित विभाग क्षेत्र की इस समस्या के समाधान के लिए कब और किस स्तर पर पहल करते हैं।