ढौर-2 स्कूल में बैगलेस डे पर चार आयोजनों का संगम, स्वच्छता संदेश के साथ बच्चों ने मनाया वायुसेना दिवस
भिलाई के शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक-2 में बैगलेस डे के अवसर पर स्वच्छता ही सेवा विषय पर चित्रकला और स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई। साथ ही भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस, महाराजा अग्रसेन जयंती और पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर कार्यक्रम हुए। विद्यार्थियों ने रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वच्छता, देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव और पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता का संदेश दिया।
UNITED NEWS OF ASIA. लोकेश्वर सिंह ठाकुर, भिलाई। छत्तीसगढ़ के भिलाई स्थित शासकीय प्राथमिक शाला ढौर क्रमांक-2 में बैगलेस डे के अवसर पर बहुआयामी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने चित्रकला और स्लोगन प्रतियोगिताओं में भाग लेकर स्वच्छता के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस, समाजसेवी महाराजा अग्रसेन जयंती और पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर भी विशेष गतिविधियां आयोजित की गईं। इस तरह विद्यालय में एक ही दिन चार अलग-अलग विषयों से जुड़े आयोजनों का संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंतर्गत एसीसी जामुल सीमेंट वर्क्स के प्रबंधक कृष्णा गुमास्ता, आशीष मिश्रा, राहुल अग्निहोत्री और विकास त्रिपाठी के सहयोग से ‘स्वच्छता ही सेवा’ विषय पर चित्रकला एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता का उद्देश्य बच्चों को स्वच्छता के महत्व से परिचित कराना और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से साफ-सफाई के प्रति जागरूक बनाना था। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और विचारों को चित्रों तथा प्रेरक नारों के जरिए प्रस्तुत किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में खुशी मनहर ने प्रथम, रूपमती साहू ने द्वितीय और शालिनी टंडन ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं स्लोगन प्रतियोगिता में वैष्णवी सागरवंशी प्रथम, अख्तर रजा द्वितीय और रंजीत नवरंगे तृतीय स्थान पर रहे। प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार भी प्रदान किए गए। इससे विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन हुआ और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम के दौरान भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस को भी विशेष रूप से याद किया गया। विद्यार्थियों ने वायुसेना के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए सैल्यूट किया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों में देशभक्ति और देश की रक्षा में योगदान देने वाले जवानों के प्रति सम्मान की भावना को प्रोत्साहित किया गया।
इसके साथ ही समाजसेवी महाराजा अग्रसेन की जयंती पर उनके विचारों और सामाजिक संदेश को प्रस्तुत किया गया। बच्चों ने महाराजा अग्रसेन के प्रसिद्ध ‘एक रुपया, एक ईंट’ के संदेश के माध्यम से समाज में सहयोग, समानता और सामूहिक विकास की भावना को समझाने का प्रयास किया। यह संदेश विद्यार्थियों को सामाजिक जिम्मेदारी और दूसरों की सहायता करने की प्रेरणा देने वाला रहा।
पितृ मोक्ष अमावस्या के अवसर पर पूर्वजों के संस्कारों और उनके प्रति कृतज्ञता के भाव को भी कार्यक्रम में स्थान दिया गया। इस गतिविधि के माध्यम से बच्चों को अपने पूर्वजों के योगदान, पारिवारिक परंपराओं और संस्कारों के महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया गया।
पूरे कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय के प्रधान पाठक अनिल कुमार थारवानी और शिक्षिका धनेश्वरी बंजारे ने किया। बैगलेस डे पर आयोजित इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से अलग सीखने, अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और सामाजिक, सांस्कृतिक तथा राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान किया।