छिंदवाड़ा पॉलीटेक्निक कॉलेज में उद्यमिता कार्यशाला का समापन, शेषराव यादव बोले- युवा रोजगार देने वाले भी बनें
छिंदवाड़ा के इंदिरा गांधी शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान-2026 के तहत आयोजित दो दिवसीय इंक्यूबेशन एवं इंटरप्रेन्योरशिप कार्यशाला का समापन हुआ। भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित किए। उन्होंने युवाओं से नवाचार, कौशल और नए विचारों के माध्यम से स्टार्टअप स्थापित करने तथा रोजगार के अवसर पैदा करने का आह्वान किया।
UNITED NEWS OF ASIA. यज्ञराज पटेल, छिंदवाड़ा l प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में संचालित सेवा संकल्प अभियान-2026 एवं ‘सेवा मेरा योगदान’ के अंतर्गत इंदिरा गांधी शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय, छिंदवाड़ा में आयोजित दो दिवसीय ‘इंक्यूबेशन एवं इंटरप्रेन्योरशिप’ कार्यशाला का शनिवार को समापन हुआ। 9 और 10 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यशाला के समापन समारोह में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष शेषराव यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान कार्यशाला में उत्कृष्ट सहभागिता करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार, उद्यमिता, स्वरोजगार और स्टार्टअप की संभावनाओं से परिचित कराना था। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने, व्यवसाय स्थापित करने और अपने कौशल के जरिए रोजगार सृजन करने के महत्व की जानकारी दी गई। आयोजन में युवाओं को पारंपरिक रोजगार विकल्पों के साथ स्वयं का उद्यम शुरू करने की संभावनाओं को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
युवा नौकरी पाने वाले ही नहीं, रोजगार देने वाले भी बनें
समापन समारोह को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष शेषराव यादव ने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले भी बनें। इंक्यूबेशन एवं इंटरप्रेन्योरशिप जैसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों को अपने नवाचार, तकनीकी ज्ञान और रचनात्मक विचारों को वास्तविक उद्यम में बदलने की दिशा दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।
शेषराव यादव ने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, कौशल और नए विचारों के आधार पर स्टार्टअप स्थापित कर सकते हैं। स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से चुनौतियों से घबराने के बजाय उन्हें अवसरों में बदलने, नए प्रयोग करने का साहस रखने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं के सपनों को नवाचार, कौशल को उद्यम और संकल्प को सफलता में बदलना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, रचनात्मक और समाज के विकास में योगदान देने योग्य बनाना भी है। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को अपनी क्षमताएं पहचानने और भविष्य में नए अवसर तैयार करने के लिए प्रेरित करती हैं।
विद्यार्थियों को मिला व्यावहारिक अनुभव
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आलोक कुमार यादव ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान करती हैं। इससे विद्यार्थियों को रोजगार और स्वरोजगार के नए विकल्प तलाशने तथा अपने विचारों को वास्तविक रूप देने की प्रेरणा मिलती है।
कार्यशाला के समापन अवसर पर विद्यार्थियों को पुरस्कार और प्रमाण पत्र देकर उनके प्रयासों को प्रोत्साहित किया गया। आयोजन के माध्यम से नवाचार और उद्यमिता के प्रति जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को भविष्य में रोजगार सृजन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में जिला महामंत्री विजय पांडे, जिला उपाध्यक्ष अजय सक्सेना, जिला कार्यालय मंत्री भारत घई, धर्मेंद्र मिगलानी और राकेश माइकल पहाड़े सहित महाविद्यालय के शिक्षक, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपने कौशल और रचनात्मक सोच के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना रहा।