धमतरी-गरियाबंद में जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर 128 गांवों की महाबैठक, 17 अक्टूबर को होगी विशाल महाग्राम सभा

धमतरी-गरियाबंद जिले के सीतानदी-उदंती क्षेत्र में जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति की महाबैठक ग्राम मोंगराडीह में आयोजित हुई। इसमें 128 गांवों के पारा-टोला से हजारों ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में नाइट कर्फ्यू पर रोक, विस्थापन रोकने, वन ग्राम के किसानों को भूमि स्वामी हक देने और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाई गई। समिति ने 17 अक्टूबर को ग्राम कोकड़ी में विशाल महाग्राम सभा आयोजित करने का निर्णय लिया है।

Oct 11, 2026 - 14:05
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धमतरी-गरियाबंद में जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को लेकर 128 गांवों की महाबैठक, 17 अक्टूबर को होगी विशाल महाग्राम सभा

UNITED NEWS OF ASIA. रिजवान मेमन, धमतरी l जल जंगल जमीन बचाओ संघर्ष समिति सीतानदी-उदंती क्षेत्र की विशाल महाबैठक शनिवार, 10 अक्टूबर को राजापड़ाव क्षेत्र के ग्राम मोंगराडीह में आयोजित की गई। बैठक में 128 गांवों के पारा-टोला से हजारों की संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। इस दौरान क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं, जल-जंगल-जमीन पर अधिकार, विस्थापन, नाइट कर्फ्यू और वन ग्राम के किसानों को भूमि स्वामी हक दिलाने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखते हुए उनके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास करने पर जोर दिया।

बैठक का शुभारंभ गांव के मुखियाओं द्वारा बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर एवं माटी महतारी की पूजा-अर्चना के साथ किया गया। इसके बाद समिति के अध्यक्ष सिरधन सोम के निर्देश पर महासचिव रेवा देवदास ने बैठक का एजेंडा पढ़कर सुनाया। इसमें संगठन का विस्तार गांव-गांव तक करने की रणनीति बनाने, क्षेत्रवासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस पहल करने जैसे विषय शामिल रहे।

बैठक में नाइट कर्फ्यू पर रोक लगाने, विस्थापन रोकने और वन ग्राम के किसानों को भूमि स्वामी हक दिलाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। साथ ही धमतरी और गरियाबंद जिले के जनप्रतिनिधियों को एक मंच पर आमंत्रित कर संयुक्त महाग्राम सभा आयोजित करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं पर जनसंवाद करने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक में शामिल मुखियाओं ने अपने-अपने विचार प्रस्तुत किए और समस्याओं के समाधान की दिशा में प्रस्ताव पारित किए। महिलाओं ने भी क्षेत्र में व्याप्त समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए उनके निराकरण की आवश्यकता पर जोर दिया।

समिति के अध्यक्ष सिरधन सोम ने कहा कि उनका क्षेत्र पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है और जल-जंगल-जमीन से जुड़े अधिकारों के संरक्षण के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने संगठन को गांव-गांव तक मजबूत करने की जरूरत बताते हुए कहा कि इसके लिए योजनाबद्ध तरीके से काम करना होगा। बैठक को जिला पंचायत सदस्य लोकेश्वरी नेताम, दैनिक मांडवी, अर्जुन नायक, धनश्याम मरकाम, नरेश मांझी, टीकम नागवंशी, दीनाचंद मरकाम और गोपाल सोरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया।

17 अक्टूबर को ग्राम कोकड़ी में होगी महाग्राम सभा

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि शनिवार, 17 अक्टूबर को राजापड़ाव क्षेत्र के ग्राम कोकड़ी में विशाल महाग्राम सभा आयोजित की जाएगी। इसमें कांकेर और महासमुंद लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, सिहावा और बिंद्रानवागढ़ विधानसभा के विधायकों, जिला पंचायत अध्यक्षों तथा जिला और जनपद स्तर के जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाएगा। उद्देश्य 128 गांवों की मांगों को जनप्रतिनिधियों के माध्यम से विधानसभा और लोकसभा तक पहुंचाना है।

इस आयोजन की तैयारियों के लिए 12 अक्टूबर को दोनों क्षेत्रों के जिम्मेदार समिति मुखियाओं द्वारा जनप्रतिनिधियों से निवास पर भेंट-मुलाकात करने की योजना बनाई गई है। समिति ने क्षेत्र की समस्याओं को एकजुट होकर उठाने और संवैधानिक तरीके से समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का निर्णय लिया। बैठक में विभिन्न गांवों के प्रतिनिधियों, महिलाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी रही।